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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 10.M हास्य व्यंग जो खुद शरीर दिल-दिमाग से कोढ़ी गिरा हुआ होता है उसे क्या मालूम१र में कितनी फूटी कोड़ी आती है वो सिर्फ फेंकने में लगा रहता है बताओ कौन है! Status (Contacts) + # Aa 10.M हास्य व्यंग जो खुद शरीर दिल-दिमाग से कोढ़ी गिरा हुआ होता है उसे क्या मालूम१र में कितनी फूटी कोड़ी आती है वो सिर्फ फेंकने में लगा रहता है बताओ कौन है! Status (Contacts) + # - ShareChat