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#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - *चिंता से चतुराई घटे ' ~ *घटे रूप और ज्ञान।* *चिंता बड़ी अभागिनी * *चिंता चिता समान।* *्तुलसी भरोसे राम के, * *निर्भय होके सोय। * *अनहोनी होनी नहीं * *होनी होय सो होय!* *इसी विचार के साथ सबको प्रणाम ! रहे॰मस्त रहे॰ स्वस्थ रहे।* 77 *चिंता से चतुराई घटे ' ~ *घटे रूप और ज्ञान।* *चिंता बड़ी अभागिनी * *चिंता चिता समान।* *्तुलसी भरोसे राम के, * *निर्भय होके सोय। * *अनहोनी होनी नहीं * *होनी होय सो होय!* *इसी विचार के साथ सबको प्रणाम ! रहे॰मस्त रहे॰ स्वस्थ रहे।* 77 - ShareChat