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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 27.2 हास्य व्यंग गधे किसी बात से इंकार नहीं करते यह समर्पण भी कर देते । अंगीकार भी कर लेते यह बात गधों को समझनी चाहिए अंधभक्ति गुलामी चाटुकारिता छोड़नी चाहिए! Status (Contacts) + # Aa 27.2 हास्य व्यंग गधे किसी बात से इंकार नहीं करते यह समर्पण भी कर देते । अंगीकार भी कर लेते यह बात गधों को समझनी चाहिए अंधभक्ति गुलामी चाटुकारिता छोड़नी चाहिए! Status (Contacts) + # - ShareChat