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अतीतानागते चोभे पितृवंशं च भारत !। तारयेद् वृक्षरोपी च तस्माद् वृक्षांश्च रोपयेत् ॥ [ महाभारत अनुशासनपर्व ५८/२६। ] अर्थात् 👉🏻 भरतनन्दन! वृक्ष लगानेवाला पुरुष अपने मरे हुए पूर्वजों एवं भविष्य में होनेवाली संतानों का तथा पितृकुल का भी उद्धार कर देता है , इसलिए वृक्षों को अवश्य लगाना चाहिए । 🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄 #❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - ~~` ramnk भरतनन्दन। वृक्ष लगानेवाला पुरुष अपन मरे हुएं पूर्वजों एवं भविष्य में हनिवाली संतानों को तथा पितृकुल काभी उद्धा कारत है, इसलिए वक्षों को अवण्य लपाना चाहिए ~~` ramnk भरतनन्दन। वृक्ष लगानेवाला पुरुष अपन मरे हुएं पूर्वजों एवं भविष्य में हनिवाली संतानों को तथा पितृकुल काभी उद्धा कारत है, इसलिए वक्षों को अवण्य लपाना चाहिए - ShareChat