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गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - सुदर्शन फ़ाकिर  है  जो   उसे   लोग सामने हैं कहते बुरा নিম কী ঠ্সতরা ৪ী ন৪ী ওম কী স্ত্ুভা কঙ্ন ই নিকশী   ক্ষী भी॰ सिला कहते हैं कहने   वाले নীন   নাল   নী  8 কী कहते गुनाहों সতা के   कुछ   और बढा   देती ক্ামল  8 उम्र जाने  क्यूँ लोग उसे फिर भी॰ दवा कहते हैं मासूम   से  पत्तों   का ೯೯ ೯ चंद फ़ाकिर  जिस को महबूब की हाथों की हिना कहते हैं सुदर्शन फ़ाकिर  है  जो   उसे   लोग सामने हैं कहते बुरा নিম কী ঠ্সতরা ৪ী ন৪ী ওম কী স্ত্ুভা কঙ্ন ই নিকশী   ক্ষী भी॰ सिला कहते हैं कहने   वाले নীন   নাল   নী  8 কী कहते गुनाहों সতা के   कुछ   और बढा   देती ক্ামল  8 उम्र जाने  क्यूँ लोग उसे फिर भी॰ दवा कहते हैं मासूम   से  पत्तों   का ೯೯ ೯ चंद फ़ाकिर  जिस को महबूब की हाथों की हिना कहते हैं - ShareChat