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#चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण - साल का पहला चंद्र ग्रहण गर्भवती महिलाएं रखें सावधानी ३ मार्च २०२६ |मंगलवार) को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण दोपहर ३:२० बजे से शुरू होकर शाम ६३४७ बजे तक रहेगा। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा , इसलिए इसके सूतक नियम मान्य रहेंगे। सूतक काल : सुबह ६:२० बजे से आरंभ होगा। गर्भवती माताएं विशेष ध्यान रखें : गर्भवती माताएं यदि चाहती हैं कि गर्भ में पल रहे उनके बच्चे के ऊपर चंद्रग्रहण का बुरा असर ना हो और उनका बच्चा स्वस्थ और बुद्धिमान पैदा हो, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें। १. ग्रहण काल में काटना छीलना, सुई-्धागा उपयोग न करें। २. भोजन बनाना, खाना और सोना ग्रहण के समय टालें। ३. भगवान का स्मरण और मंत्र जाप अवश्य करें। वासुदेवाय ऊँ नमो भगवते 3ঁ নসী সযানন मंत्र रुद्राय नमः। ऊँ मृत्युंजय नमः विशेष उपाय बिल्व पत्र की जड़ की मिट्टी से अपने गर्भ के ऊपर तिलक लगाने से भगवान शिव की कृपा से गर्भस्थ शिशु की रक्षा होती है। यदि बहुत ज्यादा आवश्यक है तो ।बुजुर्ग , बच्चे, बीमार, गर्भवती माताएं) पत्र डालकर भोजन किया जा सकता है, लेकिन ग्रहण गंगाजल और ரி काल में भोजन न करें। साल का पहला चंद्र ग्रहण गर्भवती महिलाएं रखें सावधानी ३ मार्च २०२६ |मंगलवार) को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण दोपहर ३:२० बजे से शुरू होकर शाम ६३४७ बजे तक रहेगा। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा , इसलिए इसके सूतक नियम मान्य रहेंगे। सूतक काल : सुबह ६:२० बजे से आरंभ होगा। गर्भवती माताएं विशेष ध्यान रखें : गर्भवती माताएं यदि चाहती हैं कि गर्भ में पल रहे उनके बच्चे के ऊपर चंद्रग्रहण का बुरा असर ना हो और उनका बच्चा स्वस्थ और बुद्धिमान पैदा हो, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें। १. ग्रहण काल में काटना छीलना, सुई-्धागा उपयोग न करें। २. भोजन बनाना, खाना और सोना ग्रहण के समय टालें। ३. भगवान का स्मरण और मंत्र जाप अवश्य करें। वासुदेवाय ऊँ नमो भगवते 3ঁ নসী সযানন मंत्र रुद्राय नमः। ऊँ मृत्युंजय नमः विशेष उपाय बिल्व पत्र की जड़ की मिट्टी से अपने गर्भ के ऊपर तिलक लगाने से भगवान शिव की कृपा से गर्भस्थ शिशु की रक्षा होती है। यदि बहुत ज्यादा आवश्यक है तो ।बुजुर्ग , बच्चे, बीमार, गर्भवती माताएं) पत्र डालकर भोजन किया जा सकता है, लेकिन ग्रहण गंगाजल और ரி काल में भोजन न करें। - ShareChat