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#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - संकल्प होली का चलो साथियों , मिलकर आओ , रंग - गूलाल संग होली मनाओ होलो की पावन ज्वाला में सब बुराइयों को आज जलाओ। तोड़ें बेड़ियां, जात पातक विषमता की दूरी मिटाएं। भेदभाव की काली छाया अग्नि में समर्पित करआएं। दहन करो इस अग्नि में स्वार्थ, छल , कपट की छाया , भ्रष्ट आचरण , मिथ्या ' निष्ठा , जो मानवता को करदेकाया। केहित् में बाधक जो , ٦ उन प्रवृत्तियों को त्याग दाो। संकीर्ण सोच , कपटी मन् होली की ज्वाला में दाग दो। अब नवचेतना लाएंहम , रा्ष्ट्रभक्ति के दीप जलाएं। सौहार्द प्रेम का रंग, 6,' हर घर आंगन में बिखराएं। गरीब् केआंसू पोँछ घलें, सबमें अपनापन भर दें। . संस्कृंति की खुशबू, सद्भाव, हर जन-्जन तकं पहंचा दें। चलो साथियों , मिलकर गाएं प्रम काःसुर सजाएं। g होलो का यहः पावन प्र्व सच्च संकल्पों सअपनाए। व्हाण संकल्प होली का चलो साथियों , मिलकर आओ , रंग - गूलाल संग होली मनाओ होलो की पावन ज्वाला में सब बुराइयों को आज जलाओ। तोड़ें बेड़ियां, जात पातक विषमता की दूरी मिटाएं। भेदभाव की काली छाया अग्नि में समर्पित करआएं। दहन करो इस अग्नि में स्वार्थ, छल , कपट की छाया , भ्रष्ट आचरण , मिथ्या ' निष्ठा , जो मानवता को करदेकाया। केहित् में बाधक जो , ٦ उन प्रवृत्तियों को त्याग दाो। संकीर्ण सोच , कपटी मन् होली की ज्वाला में दाग दो। अब नवचेतना लाएंहम , रा्ष्ट्रभक्ति के दीप जलाएं। सौहार्द प्रेम का रंग, 6,' हर घर आंगन में बिखराएं। गरीब् केआंसू पोँछ घलें, सबमें अपनापन भर दें। . संस्कृंति की खुशबू, सद्भाव, हर जन-्जन तकं पहंचा दें। चलो साथियों , मिलकर गाएं प्रम काःसुर सजाएं। g होलो का यहः पावन प्र्व सच्च संकल्पों सअपनाए। व्हाण - ShareChat