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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 29-01-26 एकादशी जया गुरुवार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया  एकादशी का व्रत रखने का विधान शास्त्रों में बताया गया है, इस एकादशी को को दुख एकादशी भी कहते हैं। जया एकादशी  दरिद्रता और अजा कष्ट मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी अर्थात ११वीं तिथि को जया एकादशी का व्रत का विधान शास्त्रों में बताया गया है॰ इस एकादशी 9 को अजा एकादशी भी कहते हैं। माघ मास की एकादशी तिथि २८ जनवरी २०२६ को दोपहर 2 बजे से शुरू शुरू हो कर, २१ जनवरी २०२६ को सुबह ११ बजकर ३८ मिनट आर समाप्त होगी। २१ जनवरी को जया एकादशी का व्रत रखा जायेगा , जिसका पारण अगले दिन ३० जनवरी २०२६ की सुबह ०६ बजकर ३४ मिनट से ०१ बजकर २१ मिनट तक किया जायेगा | संस्कृति में सभी २६ एकादशियों को अमोघ फल देने वाला बताया HRdy गया है, किंतु जया एकादशी को दुख, दरिद्रता और कष्टमुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। एकादशी कथा का वर्णन पद्मपुराण सहित कई प्राचीन आख्यानों में है। इस 29-01-26 एकादशी जया गुरुवार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया  एकादशी का व्रत रखने का विधान शास्त्रों में बताया गया है, इस एकादशी को को दुख एकादशी भी कहते हैं। जया एकादशी  दरिद्रता और अजा कष्ट मुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी अर्थात ११वीं तिथि को जया एकादशी का व्रत का विधान शास्त्रों में बताया गया है॰ इस एकादशी 9 को अजा एकादशी भी कहते हैं। माघ मास की एकादशी तिथि २८ जनवरी २०२६ को दोपहर 2 बजे से शुरू शुरू हो कर, २१ जनवरी २०२६ को सुबह ११ बजकर ३८ मिनट आर समाप्त होगी। २१ जनवरी को जया एकादशी का व्रत रखा जायेगा , जिसका पारण अगले दिन ३० जनवरी २०२६ की सुबह ०६ बजकर ३४ मिनट से ०१ बजकर २१ मिनट तक किया जायेगा | संस्कृति में सभी २६ एकादशियों को अमोघ फल देने वाला बताया HRdy गया है, किंतु जया एकादशी को दुख, दरिद्रता और कष्टमुक्ति के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। एकादशी कथा का वर्णन पद्मपुराण सहित कई प्राचीन आख्यानों में है। इस - ShareChat