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Shree Ram istuti 🙏🏻#ram
ram - श्री राम श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन स्तुती ব্বলি নবলি নুলনীভ্রাম হাঁকব  मो रामचन्द कृपाल भजुमन शेष मुनि मन रजनं  हरण भयभय दारुण ] नव कंज लोचन कंज मुख मम ददय कंज निवास कुरु कामादि खलदल गंजनं II५।। कर कज पद कजारुण I१११ मन जाहि राच्यो मिलहि सो कन्टर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं । वर सहज सुन्दर सावरा | पटपीत नानहुं तडित रुचि शुचि करुणा निघान सुजान शील नोमि जनक सुतावरं II२II  स्नेह जानत रावरो II६।। भजु दीनवन्धु दिनेश दानव " एहि भांति गौरी असीस्त सुन सिय  सहित हिय हरयित अली। देत्य वंश निकन्दन रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल  भवानिहि पूजी पुनि-्पुनि तुलसी मुदित मन मन्दिर चली ११७१। पन्द दशरय नन्दनं ।।३।। शिर मुकुट कुंडल तिलक  जानी गौरी अनुकूल सिय  নিমুদ"া  हिय हरपु न जाड कहि चारु उदारु अर आजानु मुज शर घाप घर मजुल मंगल मूल वाम #ITా [గె GTTUT 11811 अङ्ग फरकन लग। ।।जयःश्री राम ।। ।। जयःश्री राम ।। श्री राम श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन स्तुती ব্বলি নবলি নুলনীভ্রাম হাঁকব  मो रामचन्द कृपाल भजुमन शेष मुनि मन रजनं  हरण भयभय दारुण ] नव कंज लोचन कंज मुख मम ददय कंज निवास कुरु कामादि खलदल गंजनं II५।। कर कज पद कजारुण I१११ मन जाहि राच्यो मिलहि सो कन्टर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं । वर सहज सुन्दर सावरा | पटपीत नानहुं तडित रुचि शुचि करुणा निघान सुजान शील नोमि जनक सुतावरं II२II  स्नेह जानत रावरो II६।। भजु दीनवन्धु दिनेश दानव " एहि भांति गौरी असीस्त सुन सिय  सहित हिय हरयित अली। देत्य वंश निकन्दन रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल  भवानिहि पूजी पुनि-्पुनि तुलसी मुदित मन मन्दिर चली ११७१। पन्द दशरय नन्दनं ।।३।। शिर मुकुट कुंडल तिलक  जानी गौरी अनुकूल सिय  নিমুদ"া  हिय हरपु न जाड कहि चारु उदारु अर आजानु मुज शर घाप घर मजुल मंगल मूल वाम #ITా [గె GTTUT 11811 अङ्ग फरकन लग। ।।जयःश्री राम ।। ।। जयःश्री राम ।। - ShareChat