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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - हाई कोर्टने कह्या-्किसी भी जगह पर नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं हिस्सा है, पर किसी भी जगह नमाज मुंबई   बॉम्बे ने   मुंबई कोर्ट हाई एयरपोर्ट के पास नहीं নমাত পরল ক্ধী धार्मिक है अधिकार पढ़ना एयरपोर्ट के आसपास जहां इजाजत मांग रहे टैक्सी और ऑटो खासकर रहती है। हाई को राहत देने से इनकार सुरक्षा  चिंता ड्राइवरों ज्यादा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा धर्म हो या कुछ और, कोर्ट ने कहा, सुरक्षा पहले है। इस एयरपोर्ट से हर के मामले मेँ कोई समझौता नहीं हो धर्म के लोग सफर करते हैं।  रमजान इस्लाम का अहम सकता| हाई कोर्टने कह्या-्किसी भी जगह पर नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं हिस्सा है, पर किसी भी जगह नमाज मुंबई   बॉम्बे ने   मुंबई कोर्ट हाई एयरपोर्ट के पास नहीं নমাত পরল ক্ধী धार्मिक है अधिकार पढ़ना एयरपोर्ट के आसपास जहां इजाजत मांग रहे टैक्सी और ऑटो खासकर रहती है। हाई को राहत देने से इनकार सुरक्षा  चिंता ड्राइवरों ज्यादा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा धर्म हो या कुछ और, कोर्ट ने कहा, सुरक्षा पहले है। इस एयरपोर्ट से हर के मामले मेँ कोई समझौता नहीं हो धर्म के लोग सफर करते हैं।  रमजान इस्लाम का अहम सकता| - ShareChat