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माँ बगलामुखी #मंत्र एवं मंत्र जप
मंत्र एवं मंत्र जप - बगलामुखी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् माँ ओम् ब्रह्मास्त्र रुपिणी देवी, माता श्रीबगलामुखी चिच्छिक्तिर्ज्ञान रुपा च, ब्रह्यानन्दनप्रदायिनी १l 1 महा विद्या महा-लक्ष्मी, -त्रिपुर सुन्दरी সামন भुवनेशी जगन्माता, पार्वती सर्व ्मंगँला १l 2 [] कनलीणर्स कुूलेश्वैरी ललिता भैरवी शान्ता, वाराही छिन्नमस्ता च, तारा सरस्वती II 3 जगत् -पूज्या महानमाया, कामेशी भगन्मालिनी शिवांकस्था, शिवरुपा शिवप्रिया II 4 दक्ष पुत्री  [[ सर्व सम्पत् ्करी देवी, सर्व॰लोक वशंकरी वेद विद्या महानपूज्या भक्ताद्वेषी भयंकरी Il डू स्तूम्भिनी च॰ दुष्ट स्तूम्भन कारिणी  स्तम्भ रुपा भक्तःप्रिया महानभोगा , श्रीविद्या ललिताम्बिका Il 6 ]| मेनाःपुत्री शिवानन्दा, मातंगी भुवनेश्वरी  नारसिंही नरेन्द्रा च॰ नृपाराध्या नररोत्तमा Il 7 [ नागिनी नाग पुत्री चॅ॰ नगराज सुता उमा मबता पीवतःप्रै्या पीताम्बरा च, पीतनवस्त्र॰प्रिया शुभा Il 8 Il रामा, पीत रत्नार्चिता शिवा ಇತ್ತೆಗತೆ-೯ೆಶಿಕ್ಕಾ ಗಾಡrೆ Il9 I স্ি-এনা राग विवर्द्धिनी विष्णु रुपा जगन्मोहाू ब्रह्म रुपा हरि-प्रिया Il १० I रुद्र शक्तिहिन्मयी भक्त वत्सला रुद्र रुपा लोकनमाता शिवा सन्ध्या शिव-पूजनन्तत्परा II ll Il धनाध्यक्षा धनेशी चधर्मदो धनदा धना। दिँवीासहिषीिसुर्हि्परीदि चण्ड दर्प ्हरी देवी, Il 12 [[ राज राजेश्वरी महिषासुर मर्दिनी।  मधु कैटभ हन्त्री च रक्तनबीज विनाशिनी II १३ Il धूम्राक्ष दैत्य हन्त्री च, भूण्डासुरविनाशिनी ] रेणु पुत्री महानमाया, भ्रामरी भ्रमराम्बिका II १४ [[ ज्वालामुखी भद्रकाली बगला शत्र नाशिनी 1 ची जिहमाताुद गुण्रेश्व्वीरिणी 5 " इन्द्राणी इन्द्र पूज्या ম্তুন-যাব-খাহিতীী  वज्रनपाशन्धेरा देवी, भक्तानन्दकरी देवी,बगला परमेश्वरी IIl६Il ؟ फल= 48 अष्टोत्तरशतं नाम्नां, बगलायास्तु यः रिपबाधा विनिर्मुक्तः, लक्ष्मीस्थैर्यमवाप्नुयात्I 1 Il भूतनप्रेत पिशाचाश्च  ग्रहःपीड़ा निवारणम् वशमायाति, सर्वैश्वर्यं चं विन्दति II २ Il राजाना नाना विद्यां च लभते, राज्यं प्राप्नोति निश्चितम् भवेत् भुक्ति मुक्तिमवाप्नोति साक्षात् शिवनसमो I 3 I श्रीरूद्रयामले सर्व सिद्धिप्रद श्री बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् बगलामुखी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् माँ ओम् ब्रह्मास्त्र रुपिणी देवी, माता श्रीबगलामुखी चिच्छिक्तिर्ज्ञान रुपा च, ब्रह्यानन्दनप्रदायिनी १l 1 महा विद्या महा-लक्ष्मी, -त्रिपुर सुन्दरी সামন भुवनेशी जगन्माता, पार्वती सर्व ्मंगँला १l 2 [] कनलीणर्स कुूलेश्वैरी ललिता भैरवी शान्ता, वाराही छिन्नमस्ता च, तारा सरस्वती II 3 जगत् -पूज्या महानमाया, कामेशी भगन्मालिनी शिवांकस्था, शिवरुपा शिवप्रिया II 4 दक्ष पुत्री  [[ सर्व सम्पत् ्करी देवी, सर्व॰लोक वशंकरी वेद विद्या महानपूज्या भक्ताद्वेषी भयंकरी Il डू स्तूम्भिनी च॰ दुष्ट स्तूम्भन कारिणी  स्तम्भ रुपा भक्तःप्रिया महानभोगा , श्रीविद्या ललिताम्बिका Il 6 ]| मेनाःपुत्री शिवानन्दा, मातंगी भुवनेश्वरी  नारसिंही नरेन्द्रा च॰ नृपाराध्या नररोत्तमा Il 7 [ नागिनी नाग पुत्री चॅ॰ नगराज सुता उमा मबता पीवतःप्रै्या पीताम्बरा च, पीतनवस्त्र॰प्रिया शुभा Il 8 Il रामा, पीत रत्नार्चिता शिवा ಇತ್ತೆಗತೆ-೯ೆಶಿಕ್ಕಾ ಗಾಡrೆ Il9 I স্ি-এনা राग विवर्द्धिनी विष्णु रुपा जगन्मोहाू ब्रह्म रुपा हरि-प्रिया Il १० I रुद्र शक्तिहिन्मयी भक्त वत्सला रुद्र रुपा लोकनमाता शिवा सन्ध्या शिव-पूजनन्तत्परा II ll Il धनाध्यक्षा धनेशी चधर्मदो धनदा धना। दिँवीासहिषीिसुर्हि्परीदि चण्ड दर्प ्हरी देवी, Il 12 [[ राज राजेश्वरी महिषासुर मर्दिनी।  मधु कैटभ हन्त्री च रक्तनबीज विनाशिनी II १३ Il धूम्राक्ष दैत्य हन्त्री च, भूण्डासुरविनाशिनी ] रेणु पुत्री महानमाया, भ्रामरी भ्रमराम्बिका II १४ [[ ज्वालामुखी भद्रकाली बगला शत्र नाशिनी 1 ची जिहमाताुद गुण्रेश्व्वीरिणी 5 " इन्द्राणी इन्द्र पूज्या ম্তুন-যাব-খাহিতীী  वज्रनपाशन्धेरा देवी, भक्तानन्दकरी देवी,बगला परमेश्वरी IIl६Il ؟ फल= 48 अष्टोत्तरशतं नाम्नां, बगलायास्तु यः रिपबाधा विनिर्मुक्तः, लक्ष्मीस्थैर्यमवाप्नुयात्I 1 Il भूतनप्रेत पिशाचाश्च  ग्रहःपीड़ा निवारणम् वशमायाति, सर्वैश्वर्यं चं विन्दति II २ Il राजाना नाना विद्यां च लभते, राज्यं प्राप्नोति निश्चितम् भवेत् भुक्ति मुक्तिमवाप्नोति साक्षात् शिवनसमो I 3 I श्रीरूद्रयामले सर्व सिद्धिप्रद श्री बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् - ShareChat