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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - #नमोस्तुते _ कार्तवीर्याय जन्मदिवस श्रीहरि पञ्चाङ्ग|| समाजसेविका अनुताई वाध्य१९१० कल्पना चावला१९६२ विक्रम संवत २०८२ साइना नेहवाल१९९०  सृष्टि संवत १९५५८८५१२६ पुण्यदिवस युगाब्द ५१२७ मनोहरजी पर्रिकर२०१९ r सुविचार आज का क्षनीहर परिकर चैत्रकृष्ण त्रयोदशी०९ः२३तक कर्म के बिना कोई भी प्राणी नहीं रह सकता है मंगलवार १७मार्च २०२६ प्रत्येक जीव कर्म के बंधन कर्म के परिणाम से अपने आप को अलग नहीं कर सकता है जप तप शतभिषा नक्षत्र शेष रात ६:०९ त মাংযায उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र आत्म चिंतन आत्म विश्लेषण आत्म नियंत्रण शिवरात्रि व्रत आत्म अवलोकन आत्मानुशासन मास लिए यही सन्यासी के श्रम परिश्रम उद्योग वारुणी योग/ पंचक कहलाते हैं अर्थात सन्यासी भी बिना कर्म चंद्रमा कुंभ राशि में१६ः३८ के नहीं रह सकता है चाहे वह आंतरिक आत्मिक राहुकाल ३:३० से ५००  हो अथवा इस स्थूल शरीर के माध्यम से हो मठ सूर्योदय० ६:३२से१८:३५उज्जैन मंदिर आश्रमो में भी बिना सेवा कर्म के भोजन बलिदान प्राप्त नहीं होता है कर्म प्रत्येक देहधारी जीव को करने हीं रावल उदयसिंह डूंगरपुर१५२७ पडते हैं। आजाद हिन्द फौज के श्रीहरि समूह पंचांग श्री राम अयोध्या दर्शन नित्य सेनानी लेफ्टिनेंट ज्ञानसिंह आरती व इतिहास सनातन संस्कृति बिष्ट१९४५ सरश जायसवाल जय विरश्री हनुमानजी जय श्री माताजी शुभ मंगलवार #नमोस्तुते _ कार्तवीर्याय जन्मदिवस श्रीहरि पञ्चाङ्ग|| समाजसेविका अनुताई वाध्य१९१० कल्पना चावला१९६२ विक्रम संवत २०८२ साइना नेहवाल१९९०  सृष्टि संवत १९५५८८५१२६ पुण्यदिवस युगाब्द ५१२७ मनोहरजी पर्रिकर२०१९ r सुविचार आज का क्षनीहर परिकर चैत्रकृष्ण त्रयोदशी०९ः२३तक कर्म के बिना कोई भी प्राणी नहीं रह सकता है मंगलवार १७मार्च २०२६ प्रत्येक जीव कर्म के बंधन कर्म के परिणाम से अपने आप को अलग नहीं कर सकता है जप तप शतभिषा नक्षत्र शेष रात ६:०९ त মাংযায उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र आत्म चिंतन आत्म विश्लेषण आत्म नियंत्रण शिवरात्रि व्रत आत्म अवलोकन आत्मानुशासन मास लिए यही सन्यासी के श्रम परिश्रम उद्योग वारुणी योग/ पंचक कहलाते हैं अर्थात सन्यासी भी बिना कर्म चंद्रमा कुंभ राशि में१६ः३८ के नहीं रह सकता है चाहे वह आंतरिक आत्मिक राहुकाल ३:३० से ५००  हो अथवा इस स्थूल शरीर के माध्यम से हो मठ सूर्योदय० ६:३२से१८:३५उज्जैन मंदिर आश्रमो में भी बिना सेवा कर्म के भोजन बलिदान प्राप्त नहीं होता है कर्म प्रत्येक देहधारी जीव को करने हीं रावल उदयसिंह डूंगरपुर१५२७ पडते हैं। आजाद हिन्द फौज के श्रीहरि समूह पंचांग श्री राम अयोध्या दर्शन नित्य सेनानी लेफ्टिनेंट ज्ञानसिंह आरती व इतिहास सनातन संस्कृति बिष्ट१९४५ सरश जायसवाल जय विरश्री हनुमानजी जय श्री माताजी शुभ मंगलवार - ShareChat