सांझ ढले जब दीप जले, गगन सुनहरा हो जाए,
कैलाश शिखर पर शिव शंकर, करुणा अमृत बरसाए।
मां गौरा शीतल छाया बन, जग का दुःख हर लेती हैं,
ममता की गंगा बहाकर, हर झोली खुशियों से भर देती हैं।
गणपति विघ्न विनाशक आगे, मंगल मार्ग दिखाते हैं,
कार्तिकेय वीरता देकर, साहस दीप जलाते हैं।
शिव परिवार की कृपा से, घर-आंगन धन्य हो जाए,
भक्ति, शांति, सुख-समृद्धि से जीवन उज्ज्वल हो जाए।
हे भोलेनाथ, हे जगदंबा, चरणों में शीश नवाएं,
सांयकाल की इस वेला में, हम सब आपका ध्यान लगाएं।
ॐ नमः शिवाय । जय माता पार्वती । जय श्री गणेश । जय कार्तिकेय स्वामी । 🙏🌸 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️


