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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - दिर्नांक 24 ٥ जब निराशा और असफलता को अपने चारों ओर मंडराते देखो तो समझो कि तुम्हारा चित्त स्थिर नर्हीं, तुम अपने ऊपर विश्वास नर्ही करते। सड़ेीं गल्े ননসান বহাা से छुटकारा नहीं सकता जब तक कि अपने पुराने विचारों को बदल न डालो 7 46 ক্ি বুস নিংনাম ন কী সাব ஈகா अपने चाहे जैसी अवस्था निर्माण कर কীমপলা _ तक तुम्हारे पैर उन्नति = 7 सकते। अगर आगे भी न सकता है कि दिव्य तेज किसी बिलकुल ही क्षीण हो जाए। यदि अपनी वर्तमान अप्रिय अवस्था से छुटकारा चाहते हो तो अपनी   मानसिक पाना अंदर निर्बलता को दूर भगाओ। अपने आत्मविश्वास जाग्रत करो। हारिए न हिम्मत /२५ दिर्नांक 24 ٥ जब निराशा और असफलता को अपने चारों ओर मंडराते देखो तो समझो कि तुम्हारा चित्त स्थिर नर्हीं, तुम अपने ऊपर विश्वास नर्ही करते। सड़ेीं गल्े ননসান বহাা से छुटकारा नहीं सकता जब तक कि अपने पुराने विचारों को बदल न डालो 7 46 ক্ি বুস নিংনাম ন কী সাব ஈகா अपने चाहे जैसी अवस्था निर्माण कर কীমপলা _ तक तुम्हारे पैर उन्नति = 7 सकते। अगर आगे भी न सकता है कि दिव्य तेज किसी बिलकुल ही क्षीण हो जाए। यदि अपनी वर्तमान अप्रिय अवस्था से छुटकारा चाहते हो तो अपनी   मानसिक पाना अंदर निर्बलता को दूर भगाओ। अपने आत्मविश्वास जाग्रत करो। हारिए न हिम्मत /२५ - ShareChat