ShareChat
click to see wallet page
search
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 27.2 हास्य व्यंग संत मंथ गुरु शास्त्री कथावाचक पंडित मठाधीश खुद पागल होते हैं वो श्रावक/ भक्त को पागल बताते हैं यार कैसे२पागल सनातनी है जो सही / गलत दोनों है! Status (Contacts) + # Aa 27.2 हास्य व्यंग संत मंथ गुरु शास्त्री कथावाचक पंडित मठाधीश खुद पागल होते हैं वो श्रावक/ भक्त को पागल बताते हैं यार कैसे२पागल सनातनी है जो सही / गलत दोनों है! Status (Contacts) + # - ShareChat