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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - कैसे कह दूं कि शिव मेरी नहीं. সুনন इन्होंने वो सारी बाज़िया पलटी हैं जहां मेरी हार पहले ही लिख दी गई थी।| ऊँ नमः शिवाय ।। कैसे कह दूं कि शिव मेरी नहीं. সুনন इन्होंने वो सारी बाज़िया पलटी हैं जहां मेरी हार पहले ही लिख दी गई थी।| ऊँ नमः शिवाय ।। - ShareChat