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##जय मां गायत्री जय गुरुवर
#जय मां गायत्री जय गुरुवर - নিনাব্ধ 9 ஈன ்பeரி सहिष्णुता का अभ्यास करो उत्तरादायित्व को समझो। किसी के को देखने और उन पर करने के पहले अपने बड़े-बड़े दोषों का अन्वेषण करो। यदि अपनी वाणी ಕ नियंत्रण नहीं कर सकते तो उसे दूसरों प्रतिकू ल नहीं बल्कि अपने   प्रतिकू ल उपदेश करने दो। सबसे पहले अपने घर को नियमित के बनाओ f क्योंकि आचरण आत्मानु भव नहीं   हो /77 सकता | सहि ष्णुता सरलता, साधु ता, सब आत्मानुभव के प्रधान अंग हैँ। दूसरे तुम्हारे साथ क्या॰करते हैँ হমন্ধী चिंता ने करो। आत्मोन्नति में तत्पर रहो। यदि यह तथ्य समझ लिया तो एक बड़े रहस्य को पा लिया हारिए न हिम्मत /१० নিনাব্ধ 9 ஈன ்பeரி सहिष्णुता का अभ्यास करो उत्तरादायित्व को समझो। किसी के को देखने और उन पर करने के पहले अपने बड़े-बड़े दोषों का अन्वेषण करो। यदि अपनी वाणी ಕ नियंत्रण नहीं कर सकते तो उसे दूसरों प्रतिकू ल नहीं बल्कि अपने   प्रतिकू ल उपदेश करने दो। सबसे पहले अपने घर को नियमित के बनाओ f क्योंकि आचरण आत्मानु भव नहीं   हो /77 सकता | सहि ष्णुता सरलता, साधु ता, सब आत्मानुभव के प्रधान अंग हैँ। दूसरे तुम्हारे साथ क्या॰करते हैँ হমন্ধী चिंता ने करो। आत्मोन्नति में तत्पर रहो। यदि यह तथ्य समझ लिया तो एक बड़े रहस्य को पा लिया हारिए न हिम्मत /१० - ShareChat