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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa एक छोटा ? है कोई हल करके बताओ जब  पापी पाप से नहीं डरता है तो भला धर्मात्मा को धर्म से डरने की क्या जरूरत है॰ ऊपर वाला दोनों को ले जाता है थोड़े दिन बाद में किसी का फ्रेम बन जाता किसी का स्टेचू बन जाता है किसी को जीते जी जूते की माला पहनाते किसे फोटो में पहनाते हैं॰ फिर पद शान शौकत गौरव किधर जाता है यह समझदार भी जानता फिर भी मूर्ख बन जाता है, मूर्ख भी जानता है फिर भी अंधभक्त गु़लाम बन जाता है फायदा उन्हीं लोगों का aತenR उनका कुछ नहीं बिगाड़ होता है यह कानून भी पाता है क्योंकि खाकी काले भी तो जो कानून डर बताते हैं वह भी तो सत्ताधारी राजनेता का की करते हैं फिर ऐसा क्यों होता है गुलामी अवकाश पर कहीं विदेश क्या संविधान चला यह कौन बताएगा कुछ तो बोलो कभी तो जाता आज नहीं तो कल बोलो बोलो भाइयों! बोलो Status (Contacts) + # Aa एक छोटा ? है कोई हल करके बताओ जब  पापी पाप से नहीं डरता है तो भला धर्मात्मा को धर्म से डरने की क्या जरूरत है॰ ऊपर वाला दोनों को ले जाता है थोड़े दिन बाद में किसी का फ्रेम बन जाता किसी का स्टेचू बन जाता है किसी को जीते जी जूते की माला पहनाते किसे फोटो में पहनाते हैं॰ फिर पद शान शौकत गौरव किधर जाता है यह समझदार भी जानता फिर भी मूर्ख बन जाता है, मूर्ख भी जानता है फिर भी अंधभक्त गु़लाम बन जाता है फायदा उन्हीं लोगों का aತenR उनका कुछ नहीं बिगाड़ होता है यह कानून भी पाता है क्योंकि खाकी काले भी तो जो कानून डर बताते हैं वह भी तो सत्ताधारी राजनेता का की करते हैं फिर ऐसा क्यों होता है गुलामी अवकाश पर कहीं विदेश क्या संविधान चला यह कौन बताएगा कुछ तो बोलो कभी तो जाता आज नहीं तो कल बोलो बोलो भाइयों! बोलो Status (Contacts) + # - ShareChat