सुप्रभात
मूर्खेण सह संयोगो
विषादपि सुदुर्जरः ।
विज्ञेन सह संयोगः
सुधारससमः स्मृतः ।।
*भावार्थ*
मूर्ख से स्थापित किया सम्पर्क विष से भी अधिक अनिष्टकारी होता है और इसके विपरीत विद्वानों का सम्पर्क पीयूषरस तुल्य माना गया है । #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝अनमोल ज्ञान

