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#पांडुरंग विट्टल #🙏कर्म क्या है❓ #🔊सुन्दर कांड🕉️ #जय हरी विट्ठल पांडुरंग🙏 #जय हरी विठ्ठल पांडुरंग माऊली माऊली
पांडुरंग विट्टल - 00 जब राम अवतार का प्रयोजन सिद्ध हो गया तब राम जी को किसी साधारण मनुष्य की तरह ही अपना शरीर त्यागना था। fg लेकिन उनके परम भक्त हनुमान के होते यमराज के IH जी तक पहुंचना संभव नहीं था। इसलिए राम जी ने जमीन में पड़ी एक दरार से अपनी अंगूठी गिरा दी और हनुमान से লিব' उसे लाने के कहा। हनुमान जी उसे खोजते खोजते नाग लोक पहुँच गए और वहां के राजा से राम जी की अंगूठी के बारे में पूछा।  तब राजा ने बताया कि राम जी ने ऐसा उनका ध्यान f ' भटकाने के किया है ताकि यमराज राम जी को ले जा सकें | 00 जब राम अवतार का प्रयोजन सिद्ध हो गया तब राम जी को किसी साधारण मनुष्य की तरह ही अपना शरीर त्यागना था। fg लेकिन उनके परम भक्त हनुमान के होते यमराज के IH जी तक पहुंचना संभव नहीं था। इसलिए राम जी ने जमीन में पड़ी एक दरार से अपनी अंगूठी गिरा दी और हनुमान से লিব' उसे लाने के कहा। हनुमान जी उसे खोजते खोजते नाग लोक पहुँच गए और वहां के राजा से राम जी की अंगूठी के बारे में पूछा।  तब राजा ने बताया कि राम जी ने ऐसा उनका ध्यान f ' भटकाने के किया है ताकि यमराज राम जी को ले जा सकें | - ShareChat