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#मेरी हृदय मेरी माँ
मेरी हृदय मेरी माँ - जब माँ अपने खंडों में दिव्य स्वरूप प्रकट करती हैं तो वही बनकर शक्ति का संचार ர करती हैं, काली बनकर अधर्म का संहार करती हैं और संरक्षण देती हैं। लक्ष्मी के रूप में समृद्धि और ऐश्वर्य प्रदान करती हैं , गौरी बनकर पवित्रता और करुणा का प्रकाश फैलाती हैं, और चंडी के रूप में न्याय, साहस व आत्मबल भरती हैं। माँ ही सम्पूर्ण ब्रह्मांडीय शक्ति हैं जो हर रूप, हर काल और हर अवस्था में अपनी संतानों की रक्षा करती हैं। जब माँ अपने खंडों में दिव्य स्वरूप प्रकट करती हैं तो वही बनकर शक्ति का संचार ர करती हैं, काली बनकर अधर्म का संहार करती हैं और संरक्षण देती हैं। लक्ष्मी के रूप में समृद्धि और ऐश्वर्य प्रदान करती हैं , गौरी बनकर पवित्रता और करुणा का प्रकाश फैलाती हैं, और चंडी के रूप में न्याय, साहस व आत्मबल भरती हैं। माँ ही सम्पूर्ण ब्रह्मांडीय शक्ति हैं जो हर रूप, हर काल और हर अवस्था में अपनी संतानों की रक्षा करती हैं। - ShareChat