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#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - तिथि अनुसार प्रभाव तिथि के अनुसार व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं इसके बारे मेः *नन्दा तिथियों (१ , ६, ११)*: सम्मानित, देवताओं का 1 भक्त, ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है। वह देवताओं का भक्त होता है। ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। 2 *aTffuాi (2,7, 12)*. से सम्मानित. राजा बन्थुरओं - का आश्रित, थनी, भव-बन्थन (मृत्यु) से डरने वाला और परमार्थी होता है। व्यक्ति को बन्धुओं से सम्मान मिलता है।  वह राजा का आश्रित होता है। थनी और परमार्थी होता है।  ३. *्जया तिथिर्यों (३, 8, १३)*: राजा द्वारा सम्मानित, पुत्र पौत्रादि वाला, वीर, शान्त, दीर्घायु और मनस्वी होता है। व्यक्ति को राजा द्वारा सम्मान मिलता है। वह पुत्र पौत्रादि वाला होता है।  वीर, शान्त और दीर्घायु होता है। ४. *रिक्ता तिथिर्यो (४, 9, १४)*: तर्क करने वाला , प्रमादी, गुरु की निन्दा करने वाला, शास्त्रज्ञ, के घमण्ड को ೯ೌ: तोड़ने वाला और कामुक होता है। व्यक्ति तर्क करने वाला होता है। प्रमादी और गुरु की निन्दा करने वाला होता है।  शास्त्रज्ञ और कामुक होता है।  तिथियों (५, १०, १५)*ः थनी, वेद शार्स्त्रों के *पूर्णा 5 को जानने वाला, सत्यवादी, शुद्ध 1 होता हैे। हृदयी 1 गूढार्थ व व्यक्ति धनी होता है। वेद शास्त्रों के गूढार्थ को जानने वाला होता हैे। सत्यवादी और शुद्ध हृदयी होता है। तिथि अनुसार प्रभाव तिथि के अनुसार व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं इसके बारे मेः *नन्दा तिथियों (१ , ६, ११)*: सम्मानित, देवताओं का 1 भक्त, ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है। वह देवताओं का भक्त होता है। ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। 2 *aTffuాi (2,7, 12)*. से सम्मानित. राजा बन्थुरओं - का आश्रित, थनी, भव-बन्थन (मृत्यु) से डरने वाला और परमार्थी होता है। व्यक्ति को बन्धुओं से सम्मान मिलता है।  वह राजा का आश्रित होता है। थनी और परमार्थी होता है।  ३. *्जया तिथिर्यों (३, 8, १३)*: राजा द्वारा सम्मानित, पुत्र पौत्रादि वाला, वीर, शान्त, दीर्घायु और मनस्वी होता है। व्यक्ति को राजा द्वारा सम्मान मिलता है। वह पुत्र पौत्रादि वाला होता है।  वीर, शान्त और दीर्घायु होता है। ४. *रिक्ता तिथिर्यो (४, 9, १४)*: तर्क करने वाला , प्रमादी, गुरु की निन्दा करने वाला, शास्त्रज्ञ, के घमण्ड को ೯ೌ: तोड़ने वाला और कामुक होता है। व्यक्ति तर्क करने वाला होता है। प्रमादी और गुरु की निन्दा करने वाला होता है।  शास्त्रज्ञ और कामुक होता है।  तिथियों (५, १०, १५)*ः थनी, वेद शार्स्त्रों के *पूर्णा 5 को जानने वाला, सत्यवादी, शुद्ध 1 होता हैे। हृदयी 1 गूढार्थ व व्यक्ति धनी होता है। वेद शास्त्रों के गूढार्थ को जानने वाला होता हैे। सत्यवादी और शुद्ध हृदयी होता है। - ShareChat