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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - و  रहते हैे। किसी मरोज को परेशानी हे। यह सब फ्री हे।  २० रह गई ह। मडिवल ओफिसा गासाता अस्पताल पंजाब के लुधियाना के हाईकेयर अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज किडनी की डायलिसिस कैेलिए आते हैं C अस्पताल जहां कैश काउंटर नहीं , २५ हजार मरीजों का  फ्री इलाज मनप्रीत कौर | लुधियाना  केस- १ः मेरी हालत और परिवार के हालात दोनों सुधरे  पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हे।  पंजाव লুখিমানা मेरी दोनों किडनियां फेल हो शहर हाईकेयर अस्पताल. अस्पताल से मुफ्त दवाइयां और चुको र्थी। इलाज में घर तक  চোত্ কভা  जांच कराइए और चले जाइए . खाना भी मिल रहा है। फाउंडेशन ने बिक गया था। हम पीजोआई कोई फीस, कोई चार्ज नहीं॰ यहां किेश अस्मताल से वापस घर लौट चुके मेरे छोटे बच्चे को स्कूल की फोस  काउंटर ही नहीं है। यहां तक कि॰ और पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठाने थे। लग रहा थाकि जिंदगो के बस डायलिसिस तक मुफ्त होतो हे। 5 कुछ दिन ही और बचे है। ऐसे में को कहा है। इससे बहुत हिम्मत साल मं २५ हजार सेज्यादा मरीजों हम इस अस्पताल पहुंचे। अब मेरो बंधी है। का यहां मुफ्त इलाज हुआ है। यहां हालत ओर परिवार के स्थिति दोनों -कमलदीप, मरोज लुधियाना  पंजाब के अलावा जम्मू-कश्मीर से इस अस्पताल में १० डायलिसिस मशोनें है। अब २५ और आ रही हैं। केस  २ः अस्पताल से फ्री डायलिसिस व दवा मिल रही 9 TT s7T # I 3T7 గ్ दौरान मुझे  किडनी मरोज दम तोड़ देते थे। तब इस अस्पताल को शुरुआत से विशेष वार्ड की व्यवस्था है, ताकि चला तो यहां पहुंचे। अब रमै तीन डायलिसिस के মনে २०२२ मॅ नर सेवा फाउंडेशन ने पर किडनी मरीजों पैरालिसिस हमने  खासतार उन्हें संक्रमण का कोई खतरा न रहे। साल से डायलिसिस पर हूं। लकचा ) मार गया कीथी। के लिए यह अस्पताल शुरू किया ्में कोमा में चला गया था। मेरे गोयल बताते हिं- अस्पताल से मुफत्त दघाएं मिलती हे। अस्पताल का था। इस फाउंडेशन के प्रमुख बीडी अभी अस्पताल में १० हाईटैक महीने का खर्च करोब १० लाख रुपए इलाज में घर का सबकुछ बिक गया डायलिसिस से लेकर इलाज तक থ]]| डायलिसिस   मशीनें हें। २५ और है। इसके लिए फाउंडेशन के बताते हे- हमने कई मामला में যামল  सब मुफ्त होता है। इससे जिंदगी को आता থা| লাভ না নমা ঘন ভরানা मशीने मंगाई जा रही हे। अस्पताल देखा थाकि डायलिसिस और महंगो पैसे नहीं बचे थे। फिर सदस्य आपस मे चंदा करते हे। साथ आस बंधी है। खान तक के ही दूसरों से दान भी लेते हैं। में पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग दवाओं का खर्चं न उठा पाने से हमें इस अस्पताल के बारे र्में पता -विक्की , मरीज जालधर   و  रहते हैे। किसी मरोज को परेशानी हे। यह सब फ्री हे।  २० रह गई ह। मडिवल ओफिसा गासाता अस्पताल पंजाब के लुधियाना के हाईकेयर अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज किडनी की डायलिसिस कैेलिए आते हैं C अस्पताल जहां कैश काउंटर नहीं , २५ हजार मरीजों का  फ्री इलाज मनप्रीत कौर | लुधियाना  केस- १ः मेरी हालत और परिवार के हालात दोनों सुधरे  पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हे।  पंजाव লুখিমানা मेरी दोनों किडनियां फेल हो शहर हाईकेयर अस्पताल. अस्पताल से मुफ्त दवाइयां और चुको र्थी। इलाज में घर तक  চোত্ কভা  जांच कराइए और चले जाइए . खाना भी मिल रहा है। फाउंडेशन ने बिक गया था। हम पीजोआई कोई फीस, कोई चार्ज नहीं॰ यहां किेश अस्मताल से वापस घर लौट चुके मेरे छोटे बच्चे को स्कूल की फोस  काउंटर ही नहीं है। यहां तक कि॰ और पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठाने थे। लग रहा थाकि जिंदगो के बस डायलिसिस तक मुफ्त होतो हे। 5 कुछ दिन ही और बचे है। ऐसे में को कहा है। इससे बहुत हिम्मत साल मं २५ हजार सेज्यादा मरीजों हम इस अस्पताल पहुंचे। अब मेरो बंधी है। का यहां मुफ्त इलाज हुआ है। यहां हालत ओर परिवार के स्थिति दोनों -कमलदीप, मरोज लुधियाना  पंजाब के अलावा जम्मू-कश्मीर से इस अस्पताल में १० डायलिसिस मशोनें है। अब २५ और आ रही हैं। केस  २ः अस्पताल से फ्री डायलिसिस व दवा मिल रही 9 TT s7T # I 3T7 గ్ दौरान मुझे  किडनी मरोज दम तोड़ देते थे। तब इस अस्पताल को शुरुआत से विशेष वार्ड की व्यवस्था है, ताकि चला तो यहां पहुंचे। अब रमै तीन डायलिसिस के মনে २०२२ मॅ नर सेवा फाउंडेशन ने पर किडनी मरीजों पैरालिसिस हमने  खासतार उन्हें संक्रमण का कोई खतरा न रहे। साल से डायलिसिस पर हूं। लकचा ) मार गया कीथी। के लिए यह अस्पताल शुरू किया ्में कोमा में चला गया था। मेरे गोयल बताते हिं- अस्पताल से मुफत्त दघाएं मिलती हे। अस्पताल का था। इस फाउंडेशन के प्रमुख बीडी अभी अस्पताल में १० हाईटैक महीने का खर्च करोब १० लाख रुपए इलाज में घर का सबकुछ बिक गया डायलिसिस से लेकर इलाज तक থ]]| डायलिसिस   मशीनें हें। २५ और है। इसके लिए फाउंडेशन के बताते हे- हमने कई मामला में যামল  सब मुफ्त होता है। इससे जिंदगी को आता থা| লাভ না নমা ঘন ভরানা मशीने मंगाई जा रही हे। अस्पताल देखा थाकि डायलिसिस और महंगो पैसे नहीं बचे थे। फिर सदस्य आपस मे चंदा करते हे। साथ आस बंधी है। खान तक के ही दूसरों से दान भी लेते हैं। में पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग दवाओं का खर्चं न उठा पाने से हमें इस अस्पताल के बारे र्में पता -विक्की , मरीज जालधर - ShareChat