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#श्री रामचरि#रामचरितमानस चौपाई #राम
श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः अवधपुरी सोहा एहि भाँती। प्रभुहि मिलन आई जनु राती।  देखि भानु जनु मन सकुचानी। तदपि बनी संध्या अनुमानी। | १९४/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -अवधपुरी इस प्रकार सुशोभित हो रही है, मिलने आई हो और सूर्य को मानो रात्रि प्रभु से fg फिर भी देखकर मानो मन में सकुचा गई हो , मन में विचार कर वह संध्या बनकर रह गई हो। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः अवधपुरी सोहा एहि भाँती। प्रभुहि मिलन आई जनु राती।  देखि भानु जनु मन सकुचानी। तदपि बनी संध्या अनुमानी। | १९४/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -अवधपुरी इस प्रकार सुशोभित हो रही है, मिलने आई हो और सूर्य को मानो रात्रि प्रभु से fg फिर भी देखकर मानो मन में सकुचा गई हो , मन में विचार कर वह संध्या बनकर रह गई हो। - ShareChat