ShareChat
click to see wallet page
search
🪷 || श्रीकृष्ण तत्व विचार || 🪷 स्वभाव में ही किसी व्यक्ति का प्रभाव झलकता है। भगवान श्रीकृष्ण सिंहासन पर बैठकर महान नहीं बने अपितु उनकी महानता ने ही उन्हें राजसिंहासन के साथ-साथ जन-जन के हृदय सिंहासन पर भी विराजमान कर दिया। सिंहासन पर बैठना जीवन की उपलब्धि हो अथवा नहीं लेकिन किसी के हृदय सिंहासन में बैठना जीवन की वास्तविक उपलब्धि अवश्य है। राजसिंहासन पर बैठ सको न बैठ सको लेकिन किसी के हृदय सिंहासन पर बैठ सको तो समझना चाहिए कि आपका जीवन सार्थक हो गया है और यही तो विराट और उदार व्यक्तित्व का भी लक्षण है। किसी सिंहासन पर बैठकर व्यक्तित्व महान नहीं बनता अपितु महान व्यक्तित्व एक दिन भगवान श्रीकृष्ण की तरह किसी राजसिंहासन के साथ जन-जन के हृदय सिंहासन पर भी अवश्य बैठ जाता है। जय श्री राधे कृष्ण 🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷 #जय श्री कृष्ण
जय श्री कृष्ण - ShareChat