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#गुलज़ार शायरी
गुलज़ार शायरी - गुलज़ार शायरी पता नहीं क्यूं जीना मज़बूरी सा हो गया है खुश रहने से खुश दिखना. ೦೦ ೧ ज्यादा जरूरी सा हाो गया है गुलज़ार शायरी पता नहीं क्यूं जीना मज़बूरी सा हो गया है खुश रहने से खुश दिखना. ೦೦ ೧ ज्यादा जरूरी सा हाो गया है - ShareChat