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गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - Tvq के मिलने का सलीक़ा को नहीं खुल आप आता और   मेरे   पास   कोई चोर নষ্কী दरवाज़ा समझता   था उसे पा कर ही मैं रह   जाऊँगा वो ওম   কী   মযী ঘাম কী  থিg্ন अंदाज़ा 761 का जा दिखा दुनिया को मुझ को क्या दिखाता है ग़ुरूर ೯ T ೯ ೫ ಗ नहीं समुंदर d मगर IHI कोई आहट   हो মী 2 करे या दस्तक সা9াত मेरे   हाथों  # 4 # 8 नहीं दरवाज़ा किसी   दर्जे के  हों अपनों ٦78 কা अपना कहा ইমা   ক্িয়া   ম   ন   নী  और नहीं शरमाया जब उस की महफ़िल में उन्हीं की रौशनी जिन के चराग़  ஈ தச 51 #1 4 ஈ f41 होता 761 तुझ से क्या बिछड़ा मिरी सारी हक़ीक़त खुल   गई ক্ষীৎ সীমন সিল নী মুভ ম नहों अब शरमाता Motivational Vicleos /oo Want Tvq के मिलने का सलीक़ा को नहीं खुल आप आता और   मेरे   पास   कोई चोर নষ্কী दरवाज़ा समझता   था उसे पा कर ही मैं रह   जाऊँगा वो ওম   কী   মযী ঘাম কী  থিg্ন अंदाज़ा 761 का जा दिखा दुनिया को मुझ को क्या दिखाता है ग़ुरूर ೯ T ೯ ೫ ಗ नहीं समुंदर d मगर IHI कोई आहट   हो মী 2 करे या दस्तक সা9াত मेरे   हाथों  # 4 # 8 नहीं दरवाज़ा किसी   दर्जे के  हों अपनों ٦78 কা अपना कहा ইমা   ক্িয়া   ম   ন   নী  और नहीं शरमाया जब उस की महफ़िल में उन्हीं की रौशनी जिन के चराग़  ஈ தச 51 #1 4 ஈ f41 होता 761 तुझ से क्या बिछड़ा मिरी सारी हक़ीक़त खुल   गई ক্ষীৎ সীমন সিল নী মুভ ম नहों अब शरमाता Motivational Vicleos /oo Want - ShareChat