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गज़ल दर्शन सिंह #✒ शायरी
✒ शायरी - "गज़ल की मता ए-्जावेदानी ले के आया हूँ तिरे क़दमों में अपनी ज़िंदगानी ले के आया हूँ कहाँ सीम ओ गुहर जिन को लुटाऊँ तेरे क़दमों पर बरा-ए-नज़्र अश्कों की रवानी ले के आया हूँ तुझे जो पूछना हो पूछ ले ऐ दावर ए ्महशर मैं अपने साथ अपनी बे-ज़बानी ले के आया हूँ ज़मीन ओ मुल्क के बदले दिलों पर है नज़र मेरी अछूता इक तरीक़ ए ्हुक्मरानी ले के आया हूँ ज़ख़्म एन्तमन्ना देख कर पहचान लो मुझ को तुम्हारी ही अता-कर्दा निशानी ले के आया हूँ में मुज़्मर हैं लाखों धड़कनें दिल की 319131T'? मैं इक दुनिया का ग़म दिल की ज़बानी ले के आया हूँ मोहब्बत नाम है बेताबी ए-दिल के तसलसुल का मोहब्बत की मैं 'दर्शन' ये निशानी ले के आया हूँ (दर्शन सिंह) Motivational Mdeos App Want "गज़ल की मता ए-्जावेदानी ले के आया हूँ तिरे क़दमों में अपनी ज़िंदगानी ले के आया हूँ कहाँ सीम ओ गुहर जिन को लुटाऊँ तेरे क़दमों पर बरा-ए-नज़्र अश्कों की रवानी ले के आया हूँ तुझे जो पूछना हो पूछ ले ऐ दावर ए ्महशर मैं अपने साथ अपनी बे-ज़बानी ले के आया हूँ ज़मीन ओ मुल्क के बदले दिलों पर है नज़र मेरी अछूता इक तरीक़ ए ्हुक्मरानी ले के आया हूँ ज़ख़्म एन्तमन्ना देख कर पहचान लो मुझ को तुम्हारी ही अता-कर्दा निशानी ले के आया हूँ में मुज़्मर हैं लाखों धड़कनें दिल की 319131T'? मैं इक दुनिया का ग़म दिल की ज़बानी ले के आया हूँ मोहब्बत नाम है बेताबी ए-दिल के तसलसुल का मोहब्बत की मैं 'दर्शन' ये निशानी ले के आया हूँ (दर्शन सिंह) Motivational Mdeos App Want - ShareChat