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माँ सिद्धिदात्री #पूजन विधि
पूजन विधि - देवी सिद्धिदात्री प्रिय पुष्प रात की रानी मन्त्र देवी सिद्धिदात्र्यै नमः या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता | नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः Il ध्यान वन्दे वाञ्छित मनोरथार्थ चन्द्रार्धकृतशेखराम् | कमलस्थिताम् चतुर्भुजा सिद्धीदात्री यशस्विनीम् ।। स्वर्णवर्णा निर्वाणचक्र स्थिताम् नवम् दुर्गा त्रिनेत्राम्। शङ्ख , चक्र, गदा, पद्मधरां सिद्धीदात्री भजेम् ।। पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालङ्कार भूषिताम् ಫ್್ಾ; मञ्जीर, हार, किङ्किणि रत्नकुण्डल मण्डिताम् I। प्रफुल्ल वन्दना पल्लवाधरां कान्त कपोला पीन पयोधराम् कमनीयां लावण्यां श्रीणकटिं निम्ननाभि नितम्बनीम् ।I मुकुटोज्वलो कञ्चनाभा शङ्खचक्रगदापद्मधरा स्मेरमुखी शिवपत्नी सिद्धिदात्री नमोडस्तुते पटाम्बर परिधानां नानालङ्कार भूषिताम् नलिस्थिताम् नलनार्क्षी सिद्धीदात्री नमोडस्तुते परमानन्दमयी देवी परब्रह्म परमात्मा परमशक्ति, परमभक्ति, सिद्धिदात्री नमोडस्तुते विश्वकर्ती, विश्वभर्ती, विश्वहर्ती, विश्वप्रीता विश्व वार्चिता, विश्वातीता सिद्धिदात्री नमोडस्तुते भुक्तिमुक्तिकारिणी भक्तकष्टनिवारिणी  भवसागर तारिणी सिद्धिदात्री नमोडस्तुते II धर्मार्थकाम प्रदायिनी महामोह विनाशिनीं मोक्षदायिनी सिद्धीदायिनी सिद्धिदात्री नमोडस्तुते कवच अँकारः पातु शीर्षो माँ, ऐं बीजम् माँ हृदयो हीं बीजम् सदापातु नभो गृहो च पादयो ।l ललाट कर्णो श्रीं बीजम् पातु क्लीं बीजम् माँ नेत्रम् घ्राणो कपोल चिबुको हसौ पातु जगत्प्रसूत्यै माँ सर्ववदनो आरती सिद्धिदात्री माँ तू सिद्धि की दाता | तु भक्तों की रक्षक तू दासों की माता जय तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि | तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि II हो तुम | जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम I।  कठिन काम सिद्ध करती तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है। तू जगदम्बें दाती तू सर्व सिद्धि है Il रविवार को तेरा सुमिरन करे जो। तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो ।l  है पूरे | कभी काम उसके रहे ना अधूरे II तू सब काज उसके करती और तुम्हारी यह माया रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया दया तुम्हारी  सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली | जो है तेरे दर का ही अम्बें सवाली हिमाचल है पर्वत जहाँ वास तेरा महा नन्दा मन्दिर में है वास तेरा II मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता देवी सिद्धिदात्री प्रिय पुष्प रात की रानी मन्त्र देवी सिद्धिदात्र्यै नमः या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता | नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः Il ध्यान वन्दे वाञ्छित मनोरथार्थ चन्द्रार्धकृतशेखराम् | कमलस्थिताम् चतुर्भुजा सिद्धीदात्री यशस्विनीम् ।। स्वर्णवर्णा निर्वाणचक्र स्थिताम् नवम् दुर्गा त्रिनेत्राम्। शङ्ख , चक्र, गदा, पद्मधरां सिद्धीदात्री भजेम् ।। पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालङ्कार भूषिताम् ಫ್್ಾ; मञ्जीर, हार, किङ्किणि रत्नकुण्डल मण्डिताम् I। प्रफुल्ल वन्दना पल्लवाधरां कान्त कपोला पीन पयोधराम् कमनीयां लावण्यां श्रीणकटिं निम्ननाभि नितम्बनीम् ।I मुकुटोज्वलो कञ्चनाभा शङ्खचक्रगदापद्मधरा स्मेरमुखी शिवपत्नी सिद्धिदात्री नमोडस्तुते पटाम्बर परिधानां नानालङ्कार भूषिताम् नलिस्थिताम् नलनार्क्षी सिद्धीदात्री नमोडस्तुते परमानन्दमयी देवी परब्रह्म परमात्मा परमशक्ति, परमभक्ति, सिद्धिदात्री नमोडस्तुते विश्वकर्ती, विश्वभर्ती, विश्वहर्ती, विश्वप्रीता विश्व वार्चिता, विश्वातीता सिद्धिदात्री नमोडस्तुते भुक्तिमुक्तिकारिणी भक्तकष्टनिवारिणी  भवसागर तारिणी सिद्धिदात्री नमोडस्तुते II धर्मार्थकाम प्रदायिनी महामोह विनाशिनीं मोक्षदायिनी सिद्धीदायिनी सिद्धिदात्री नमोडस्तुते कवच अँकारः पातु शीर्षो माँ, ऐं बीजम् माँ हृदयो हीं बीजम् सदापातु नभो गृहो च पादयो ।l ललाट कर्णो श्रीं बीजम् पातु क्लीं बीजम् माँ नेत्रम् घ्राणो कपोल चिबुको हसौ पातु जगत्प्रसूत्यै माँ सर्ववदनो आरती सिद्धिदात्री माँ तू सिद्धि की दाता | तु भक्तों की रक्षक तू दासों की माता जय तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि | तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि II हो तुम | जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम I।  कठिन काम सिद्ध करती तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है। तू जगदम्बें दाती तू सर्व सिद्धि है Il रविवार को तेरा सुमिरन करे जो। तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो ।l  है पूरे | कभी काम उसके रहे ना अधूरे II तू सब काज उसके करती और तुम्हारी यह माया रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया दया तुम्हारी  सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली | जो है तेरे दर का ही अम्बें सवाली हिमाचल है पर्वत जहाँ वास तेरा महा नन्दा मन्दिर में है वास तेरा II मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता - ShareChat