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##जय मां गायत्री जय गुरुवर
#जय मां गायत्री जय गुरुवर - कहानी 9यत L12eos जो जीवन बदल दे। विभूति- परदेश   जाने लगे   तो हातिम प्रख्यात अपनी पत्नी से पूछ बैठे- लिए   खाने पीने तुम्हारे "जितनी   मेरी कितना जाऊँ का सामान रख आयु हो।॰ कहकर पत्नी हँस पड़ी। जानना   मेरे बूते  की "तुम्हारी   आयु बात   नहीं।" ব্কী "तब तो मेरी रोटी का इंतजाम भी आपके बाहर   है। जिसका   है॰  उसी ম 6 কাম करने दीजिए। "r1 ಫ ೯೯ 317R9T मुग्ध होकर हातिम पर परदेश বল ने   पूछा- ঠাম] पडोसन নন ৎক बेटी   हातिम   तेरे लिए ಫ್ হুনতাম क्या 82 पत्नी   ने कहा- माँ मेरे पति   क्या মানিম   ক্রী इंतजाम   करेंगे१ वे तो खाने वाले थे। खाना 4 अब भी यहीं है। ईशर्वर्विशर्वासी বালা নী को किसी का आश्रय आवश्यक नहीं रहता। अखंड ज्योति जून १९९८ कहानी 9यत L12eos जो जीवन बदल दे। विभूति- परदेश   जाने लगे   तो हातिम प्रख्यात अपनी पत्नी से पूछ बैठे- लिए   खाने पीने तुम्हारे "जितनी   मेरी कितना जाऊँ का सामान रख आयु हो।॰ कहकर पत्नी हँस पड़ी। जानना   मेरे बूते  की "तुम्हारी   आयु बात   नहीं।" ব্কী "तब तो मेरी रोटी का इंतजाम भी आपके बाहर   है। जिसका   है॰  उसी ম 6 কাম करने दीजिए। "r1 ಫ ೯೯ 317R9T मुग्ध होकर हातिम पर परदेश বল ने   पूछा- ঠাম] पडोसन নন ৎক बेटी   हातिम   तेरे लिए ಫ್ হুনতাম क्या 82 पत्नी   ने कहा- माँ मेरे पति   क्या মানিম   ক্রী इंतजाम   करेंगे१ वे तो खाने वाले थे। खाना 4 अब भी यहीं है। ईशर्वर्विशर्वासी বালা নী को किसी का आश्रय आवश्यक नहीं रहता। अखंड ज्योति जून १९९८ - ShareChat