राष्ट्रीय युवा दिवस
जनवरी माह की 12 तारीख का दिन पूरे देश के लिए बेहद खास है। यह सिर्फ एक सामान्य तारीख नहीं है। 12 जनवरी को भारत के महान दार्शनिक, आध्यात्मिक और सामाजिक नेताओं में से एक स्वामी विवेकानंद की जयंती हैं। हमारा देश युवाओं का देश है और युवाओं के लिए यह एक अवसर है उस महान आत्मा को याद करने का जिसने 128 साल पहले समूचे विश्व में भारत का नाम रोशन किया। दुनिया का परिचय भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन पद्धति से कराया। उनके सम्मान में 12 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
1893 में स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने संक्षिप्त किंतु प्रभावी वक्तव्य में पश्चिमी दुनिया का भारतीय वेदांत दर्शन से परिचय कराया। उन्हें भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन पद्धति से अवगत कराया। इस क्षण को ईस्ट मीट वेस्ट के तौर पर जाना जाता है।
1897 में स्वामी विवेकानंद ने धर्म संसद से लौटने के बाद अपने गुरु संत श्रीरामकृष्ण परमहंस के नाम पर सामाजिक सेवाओं के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। इसके आदर्श कर्म योग और गुरु श्रीरामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं पर आधारित हैं।
1902 में 04 फरवरी के दिन स्वामी विवेकानंद अपने कमरे में गए और ध्यान लगाकर बैठ गए। इसी ध्यानावस्था में वह इस दुनिया से परलोक प्रस्थान कर गए। #शत शत नमन


