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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A सचमें / १नजारा देखके थोड़ी थोड़ा गम खुशी हुआ१ने २जे से कहा में तुझसे वीछूड जाऊंगा दूजे ने कहा तू आज वीछूड़ जा कल में वीछूड़ जाऊंगाTit for tatकरके जाऊंगा! Status (Contacts) + # Aa 4.A सचमें / १नजारा देखके थोड़ी थोड़ा गम खुशी हुआ१ने २जे से कहा में तुझसे वीछूड जाऊंगा दूजे ने कहा तू आज वीछूड़ जा कल में वीछूड़ जाऊंगाTit for tatकरके जाऊंगा! Status (Contacts) + # - ShareChat