ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️जीवन की सीख 🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷 चिन्तनेनैधते चिन्ता त्विन्धनेनेव पावकः। नश्यत्यचिन्तनेनैव विनेन्धनमिवानलः।। अर्थात् 👉🏻 चिंता को चिंतन ( सोच-विचार ) से बढ़ावा मिलता है , जैसे आग को ईंधन से बढ़ावा मिलता है । तथा चिंता को न सोचने से वह समाप्त हो जाती है , जैसे ईंधन के अभाव में आग बुझ जाती है । 🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄 🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷
❤️जीवन की सीख - हाथ का लिखा ज्योतिष पढ़़े वेद पढ़े मन लेख चेहरा का लिखा माँ पढ़़े, मन का पढ़े महादेव..! हाथ का लिखा ज्योतिष पढ़़े वेद पढ़े मन लेख चेहरा का लिखा माँ पढ़़े, मन का पढ़े महादेव..! - ShareChat