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#📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ अनसुनी शायरी #📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी #🌙रात की शायरी✍
📚कविता-कहानी संग्रह - फुर्सत में करेंगे ` हिसाब_ एज़िन्दगी अभी तो उलझे हैं तुझसे | सुलझाने में खुद को' कभी इसका दिल रखा और कभी उसका दिल रखा ' इसी में भूल गए की खुद का दिल कहां रखा..। | कशमकश फुर्सत में करेंगे ` हिसाब_ एज़िन्दगी अभी तो उलझे हैं तुझसे | सुलझाने में खुद को' कभी इसका दिल रखा और कभी उसका दिल रखा ' इसी में भूल गए की खुद का दिल कहां रखा..। | कशमकश - ShareChat