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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - सुणिऐ ईंसरु बरमा ईंदुमा सुणिऐ मुखि सालाहण र्मदुमा तनि भेदाा सुणिऐ जोगा gரி सुणिऐ सासत सिम्रिति वेदाा विगासु।। नानकभगता सदा सुणिऐ दूख पाप का नासु।। मीठा अर्थः प्रभु के नाम को सुनने से एक साधारण मनुष्य की अवस्था ऐसी हो जाती है कि वह शिव , ब्रह्मा और इंद्र के समान आध्यात्मिक ऊँचाइयों को प्राप्त कर लेता है।ईश्वर का ध्यान सुनने मात्र से मनुष्य के भीतर दिव्य गुणों ~ का संचार होता है।प्रभु का नाम सुनने से मंद बुरा या नीच विचार वाला व्यक्ति भी अपने मुख से परमात्मा की महिमा का गुणगान करने लगता है। नाम सुनने से योग की युक्तियाँ तरीके और शरीर के रहस्यों आत्मिक भेद तेरा है।मनुष्य को बाहरी आडंबरों की ज़रूरत नहीं ব্ধা সান সাদ ৪ী আনা ' पड़ती , उसे भीतर के सत्य की समझ आ जाती है।समस्त धार्मिक ग्रंथों का के नाम को गहराई से सुनने में समाया हुआ है। ज्ञान उस एक परमात्मा देव जी कहते हैं! कि भक्त हमेशा आनंद में रहते हैं क्योंकि भाणा बाबा नानक नाम सुनने से उनके सभी दुखों और पापों का नाश हो जाता है। इन पंक्तियों का सार यह है कि जब कोई व्यक्ति पूरी एकाग्रता और श्रद्धा के साथ परमात्मा के नाम को अपने भीतर उतारता है॰ तो उसे संसार का सर्वश्रेष्ठ ज्ञान और पद स्वतः ही प्राप्त हो जाता है। उसे सत्य की समझ के लिए कहीं बाहर भटकने की आवश्यकता नहीं रहती। सुणिऐ ईंसरु बरमा ईंदुमा सुणिऐ मुखि सालाहण र्मदुमा तनि भेदाा सुणिऐ जोगा gரி सुणिऐ सासत सिम्रिति वेदाा विगासु।। नानकभगता सदा सुणिऐ दूख पाप का नासु।। मीठा अर्थः प्रभु के नाम को सुनने से एक साधारण मनुष्य की अवस्था ऐसी हो जाती है कि वह शिव , ब्रह्मा और इंद्र के समान आध्यात्मिक ऊँचाइयों को प्राप्त कर लेता है।ईश्वर का ध्यान सुनने मात्र से मनुष्य के भीतर दिव्य गुणों ~ का संचार होता है।प्रभु का नाम सुनने से मंद बुरा या नीच विचार वाला व्यक्ति भी अपने मुख से परमात्मा की महिमा का गुणगान करने लगता है। नाम सुनने से योग की युक्तियाँ तरीके और शरीर के रहस्यों आत्मिक भेद तेरा है।मनुष्य को बाहरी आडंबरों की ज़रूरत नहीं ব্ধা সান সাদ ৪ী আনা ' पड़ती , उसे भीतर के सत्य की समझ आ जाती है।समस्त धार्मिक ग्रंथों का के नाम को गहराई से सुनने में समाया हुआ है। ज्ञान उस एक परमात्मा देव जी कहते हैं! कि भक्त हमेशा आनंद में रहते हैं क्योंकि भाणा बाबा नानक नाम सुनने से उनके सभी दुखों और पापों का नाश हो जाता है। इन पंक्तियों का सार यह है कि जब कोई व्यक्ति पूरी एकाग्रता और श्रद्धा के साथ परमात्मा के नाम को अपने भीतर उतारता है॰ तो उसे संसार का सर्वश्रेष्ठ ज्ञान और पद स्वतः ही प्राप्त हो जाता है। उसे सत्य की समझ के लिए कहीं बाहर भटकने की आवश्यकता नहीं रहती। - ShareChat