.
#राधे राधे
सखी री!
मैंने चितवत ही चित हार्यो...
नन्द नदन छवि रुप लुभावन ,
अंखियन कजरा सार्यो ||
कमर कसी कस फैंट पर्यो,
अरु कांधे पटका कारो ||
मुरली अधरन धरी बंक बन,
यमुना तट पर ठाड़्यो ||
ऐसौ भयो देख कछु जादू ,
सर्वस अपनो बार्यो ||
बौरी भयी भूल गयी सुध बुध,
हिये प्रेम अति बाढ़्यो ||
लोक लाज तजि गलियन डोलूँ,
मिलै न प्रीतम प्यारो ||
...


