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#Eek Tu Hi Guru Ji
Eek Tu Hi Guru Ji - Cr पुत्तर मनुष्य के जीवन मे सुविधा , धन, पद और प्रतिष्ठा - ये आवरण हैं ये शरीर को आराम दे सकते हैं, बाहरी Hq Tu अहंकार को तृप्त कर सकते हैं, लेकिन उस गहरे खालीपन को नहीं भर सकते जो उसके मन के भीतर होता है..!! लोगों के पास सब सुख सुविधा और धन होते हुए भी वे गहरे Hi अवसाद और दुख में डूबे रहते है इसका कारण यह है कि के मोह में दुख का मूल कारण उनके अटैचमेंट और दूसरों Tw होता है, जिसे कोई भौतिक वस्तु नहीं मिटा सकती उसका दुख तब मिटने लगता है जब वह अपने भ्रम की काई और के विष को वह स्मृतियों ' Guu जलाकर राख कर देता है..!! खुद को समय देना और अपनी शांति को प्राथमिकता देना ही फिर उसके आत्मन्जागरण की पहली सीढ़ी है, यह वह अवस्था है जहाँ वह రేగ Ji दूसरों गलतियों का बोझ अपने मन पर ढोना बंद कर देते हैं..!! ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! Cr पुत्तर मनुष्य के जीवन मे सुविधा , धन, पद और प्रतिष्ठा - ये आवरण हैं ये शरीर को आराम दे सकते हैं, बाहरी Hq Tu अहंकार को तृप्त कर सकते हैं, लेकिन उस गहरे खालीपन को नहीं भर सकते जो उसके मन के भीतर होता है..!! लोगों के पास सब सुख सुविधा और धन होते हुए भी वे गहरे Hi अवसाद और दुख में डूबे रहते है इसका कारण यह है कि के मोह में दुख का मूल कारण उनके अटैचमेंट और दूसरों Tw होता है, जिसे कोई भौतिक वस्तु नहीं मिटा सकती उसका दुख तब मिटने लगता है जब वह अपने भ्रम की काई और के विष को वह स्मृतियों ' Guu जलाकर राख कर देता है..!! खुद को समय देना और अपनी शांति को प्राथमिकता देना ही फिर उसके आत्मन्जागरण की पहली सीढ़ी है, यह वह अवस्था है जहाँ वह రేగ Ji दूसरों गलतियों का बोझ अपने मन पर ढोना बंद कर देते हैं..!! ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! - ShareChat