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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - Il कभी अकेले बैठकर | बैठकर खुद से ये सवाल करो... में नहीं रहोगे दुनिया अगरकल तुम इस तो कितनों की जिंदगी सच में बदल जाएगी? सच ये है॰ तुम्हारे होने या न होने से दुनिया का पहिया रुकने वाला नहीं है। अर्थी उठेगी , कुछ पल आँसू बहेंगे , तुम्हारी फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। तुमने नहीं देखा? कितने लोग आए॰ कितने लोग चले गए यहाँ किसी का किसी से रिश्ता बस तब तक है॰ पूरा हो। जबतकअपना मकसद मतलब खत्म, तो रिश्ता भी खत्मः. भीड़ आखिर में यहाँ सब है॰.. स्वार्थकी Il कभी अकेले बैठकर | बैठकर खुद से ये सवाल करो... में नहीं रहोगे दुनिया अगरकल तुम इस तो कितनों की जिंदगी सच में बदल जाएगी? सच ये है॰ तुम्हारे होने या न होने से दुनिया का पहिया रुकने वाला नहीं है। अर्थी उठेगी , कुछ पल आँसू बहेंगे , तुम्हारी फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। तुमने नहीं देखा? कितने लोग आए॰ कितने लोग चले गए यहाँ किसी का किसी से रिश्ता बस तब तक है॰ पूरा हो। जबतकअपना मकसद मतलब खत्म, तो रिश्ता भी खत्मः. भीड़ आखिर में यहाँ सब है॰.. स्वार्थकी - ShareChat