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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 16-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार त्रयोदशी तिथि और शुक्रवार के संयोग में जिस दिन प्रदोष व्रत की तिथि आती है, उसे शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत करने से जीवन में खुशहाली विजय प्राप्त होती है। आती है और  शत्रुओं पर त्रयोदशी तिथि पर शुक्रवार का संयोग पड़ने के कारण इस दिन को शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। प्रदोष व्रत के दिन सूर्यास्त होने से एक घंटें पहले ईशान कोण में किसी एकांत जगह बैठ कर भगवान शिव का जलाभिषेक और ऊं नमः शिवायः का जाप करना चाहिये। के कृष्ण ` वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह पक्ष की त्रयोदशी तिथि १५ जनवरी को रात 8 बजकर १६ मिनट पर शुरू हो रही है, इस तिथि का समापन १६ जनवरी को रात १० बजकर २१ मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत १६ जनवरी दिन शुक्रवार को किया जाएगा। रात्रि के प्रथम प्रहर को यानि सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष काल कहा जाता है। प्रदोष काल पूजा मुहूर्त शाम ५.२१ से रात ८.०० बजे तक रहेगा। 16-01-26 शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार त्रयोदशी तिथि और शुक्रवार के संयोग में जिस दिन प्रदोष व्रत की तिथि आती है, उसे शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत करने से जीवन में खुशहाली विजय प्राप्त होती है। आती है और  शत्रुओं पर त्रयोदशी तिथि पर शुक्रवार का संयोग पड़ने के कारण इस दिन को शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। प्रदोष व्रत के दिन सूर्यास्त होने से एक घंटें पहले ईशान कोण में किसी एकांत जगह बैठ कर भगवान शिव का जलाभिषेक और ऊं नमः शिवायः का जाप करना चाहिये। के कृष्ण ` वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह पक्ष की त्रयोदशी तिथि १५ जनवरी को रात 8 बजकर १६ मिनट पर शुरू हो रही है, इस तिथि का समापन १६ जनवरी को रात १० बजकर २१ मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत १६ जनवरी दिन शुक्रवार को किया जाएगा। रात्रि के प्रथम प्रहर को यानि सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष काल कहा जाता है। प्रदोष काल पूजा मुहूर्त शाम ५.२१ से रात ८.०० बजे तक रहेगा। - ShareChat