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फुलेरा दूज #व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - 2026 फुलेरा মুত ब्रज क्षेत्र में, विशेषतः मथुरा ्वृन्दावन में, फुलेरा दूज एक अत्यधिक महत्वपूर्ण पर्व होता है। हिन्दु कैलेण्डर के अनुसार फुलेरा दूज पर्व, फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि पर मनाया जाता है। दूज का पर्व, वसन्त पञ्चमी तथा होली उत्सव के मध्य आता है। अतः इस ক্ুলযা अवसर पर कृष्ण मन्दिरों में विशेष झाँकी अथवा दर्शन आयोजित किये जाते हैं जिसमें भगवान कृष्ण को होली की तैयारी करते हुये दर्शाया जाता है। दूज को फुलैरा दूज के रूप में भी जाना जाता है। ক্তুলযা  455 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फुलेरा दूज का दिन समस्त प्रकार के दोषों  होता है। इसीलिये, सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों हेतु, विशेषतः विवाह समारोहों दूज के दिन किसी मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है। यद्यपि, यह 33 फुलेरा अवधारणा विवादस्पद विषय है तथा सभी ज्योतिषी इससे सहमत नहीं हैं। यह ঐনসাহয पर प्रकाशित विवाह मुहूर्तों में, सम्भवतः विवाह हो सकता है कि, इस समारोह हेतु फुलेरा दूज को शुभः दिन के रूप में सूचीबद्ध न किया गया हो। 2026 फुलेरा মুত ब्रज क्षेत्र में, विशेषतः मथुरा ्वृन्दावन में, फुलेरा दूज एक अत्यधिक महत्वपूर्ण पर्व होता है। हिन्दु कैलेण्डर के अनुसार फुलेरा दूज पर्व, फाल्गुन माह में शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि पर मनाया जाता है। दूज का पर्व, वसन्त पञ्चमी तथा होली उत्सव के मध्य आता है। अतः इस ক্ুলযা अवसर पर कृष्ण मन्दिरों में विशेष झाँकी अथवा दर्शन आयोजित किये जाते हैं जिसमें भगवान कृष्ण को होली की तैयारी करते हुये दर्शाया जाता है। दूज को फुलैरा दूज के रूप में भी जाना जाता है। ক্তুলযা  455 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फुलेरा दूज का दिन समस्त प्रकार के दोषों  होता है। इसीलिये, सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों हेतु, विशेषतः विवाह समारोहों दूज के दिन किसी मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है। यद्यपि, यह 33 फुलेरा अवधारणा विवादस्पद विषय है तथा सभी ज्योतिषी इससे सहमत नहीं हैं। यह ঐনসাহয पर प्रकाशित विवाह मुहूर्तों में, सम्भवतः विवाह हो सकता है कि, इस समारोह हेतु फुलेरा दूज को शुभः दिन के रूप में सूचीबद्ध न किया गया हो। - ShareChat