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#शायरी📜
शायरी📜 - सपनों को सजाकर मिटा भी चुके हैं तुम्हें ज़िंदगी बनाकर भुला भी चुके हैं Qa 01al कुछ आंसू दिल में दफ़न कर लिए हैं कुछ आंसू तनहाई में बहा भी चुके हैं.. सपनों को सजाकर मिटा भी चुके हैं तुम्हें ज़िंदगी बनाकर भुला भी चुके हैं Qa 01al कुछ आंसू दिल में दफ़न कर लिए हैं कुछ आंसू तनहाई में बहा भी चुके हैं.. - ShareChat