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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - பிேவஎ केरलः पहली दृष्टिबाधित महिला जज बनीं थान्या तिरुवनंतपुरम| केरल के कन्नूर নিল ক্ষী নন্দীল থামা নাথন ন न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर सिविल जास्ता॰ बनने का साफ किया है। वह केरल की पहली दृष्टिबाधित महिला हैं। नतीजों में उन्होंने दिव्यांग वर्ग की मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल किया है। कन्नूर यूनिवर्सिटी से एलएलबी में रैंक हासिल करने के बाद थान्या ने २०२४ में बार में नामांकन कराया और तालिपरंबा में अधिवक्ताओं के साथ प्रैक्टिस शुरू की। उन्होंने ब्रेल लिपि और स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर के सहारे पढ़ाई की। यह सफलता मार्च २०२५ में आए कोर्ट के फैसले के बाद संभव हुई, जिसमें कहा गया कि दृष्टिबाधित उम्मीदवार न्यायिक लिए सेवाओं के अयोग्य नहीं हैं और दिव्यांगता के आधार पर अवसर से वंचित नहीं किए सकते। তাা பிேவஎ केरलः पहली दृष्टिबाधित महिला जज बनीं थान्या तिरुवनंतपुरम| केरल के कन्नूर নিল ক্ষী নন্দীল থামা নাথন ন न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर सिविल जास्ता॰ बनने का साफ किया है। वह केरल की पहली दृष्टिबाधित महिला हैं। नतीजों में उन्होंने दिव्यांग वर्ग की मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल किया है। कन्नूर यूनिवर्सिटी से एलएलबी में रैंक हासिल करने के बाद थान्या ने २०२४ में बार में नामांकन कराया और तालिपरंबा में अधिवक्ताओं के साथ प्रैक्टिस शुरू की। उन्होंने ब्रेल लिपि और स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर के सहारे पढ़ाई की। यह सफलता मार्च २०२५ में आए कोर्ट के फैसले के बाद संभव हुई, जिसमें कहा गया कि दृष्टिबाधित उम्मीदवार न्यायिक लिए सेवाओं के अयोग्य नहीं हैं और दिव्यांगता के आधार पर अवसर से वंचित नहीं किए सकते। তাা - ShareChat