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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - शेर की बलि देने का साहस किसी में नहीं, इसलिए बकरे और मुर्गे चुने जाते हैं। यह समर्पण नहीं , इंसान की कायरता है, जंगल का राजा शेर कभी प्रसाद नहीं बनता, क्योंकि चो अपनी रक्षा करना जानता है। बलि हमेशा उसकी चढ़ती है, जो बेजुबान  और लाचार हे॰ जहाँ सामना ताकतवर से हो, वहाँ इंसान हाथ जोड़ लेता है, और जहाँ सामने कमजोर हो, वहाँ हाथ में हथियार उठा लेता है , शेर की बलि देने का साहस किसी में नहीं, इसलिए बकरे और मुर्गे चुने जाते हैं। यह समर्पण नहीं , इंसान की कायरता है, जंगल का राजा शेर कभी प्रसाद नहीं बनता, क्योंकि चो अपनी रक्षा करना जानता है। बलि हमेशा उसकी चढ़ती है, जो बेजुबान  और लाचार हे॰ जहाँ सामना ताकतवर से हो, वहाँ इंसान हाथ जोड़ लेता है, और जहाँ सामने कमजोर हो, वहाँ हाथ में हथियार उठा लेता है , - ShareChat