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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - पं. लेखराम आर्य নলিতান 06.03.1897 -7 22.03.1858 सैदपुर २२.०३. १८५८ को जिला झेलम, तहसील चकवाल, गाँव (अब पाकिस्तान ) में जन्मे समाज पं. लेखराम आर्य जी के आज १२६वें Re प्रतिभा के धनी पं. लेखराम बलिदान दिवस पर कोटि बहुमुखी  नमन। आर्य जी के पूर्वज महाराजा रणजीत सिंह फौज में थें। आर्य समाज के प्रमुख कार्यकर्ता एवं प्रचारक पं. लेखराम आर्य जी ने अपना सारा जीवन आर्य समाज के प्रचार ्प्रसार में लगा दिया। वे अहमदिया समुदाय के नेता मुस्लिम दीप्रेचारप मिर्जा गुलाम अहमद से शास्त्रार्थ एवं उसके के खण्डन के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। पं. लेखराम आर्य अपने प्राणों की परवाह न करते हुए हिंदुओं को धर्म परिवर्तन से रोका व शुद्धि अभियान के प्रणेता बने। स्वामी दयानन्द का जीवनचरित् लिखने के उद्देश्य से उनके जीवन सम्बन्धी घटनाएँ इकट्ठी करने के सिलसिले में उन्हें भारत के अनेकानेक स्थानों का मुसाफिर पड़ गया। पं. दौरा करना पडा। इस कारण उनका नाम ' आर्य लेखराम आर्यजी हिंदुओं को मुसलमान होने से बचाते थे। एक कट्टर मुसलमान ने ०६. ०३. १८९७ को ईद के दिन, ' शुद्धि' कराने के बहाने, धोखे से लाहौर में उनकी हत्या कर दी। साभार মীনা মথো मातृभूमि पं. लेखराम आर्य নলিতান 06.03.1897 -7 22.03.1858 सैदपुर २२.०३. १८५८ को जिला झेलम, तहसील चकवाल, गाँव (अब पाकिस्तान ) में जन्मे समाज पं. लेखराम आर्य जी के आज १२६वें Re प्रतिभा के धनी पं. लेखराम बलिदान दिवस पर कोटि बहुमुखी  नमन। आर्य जी के पूर्वज महाराजा रणजीत सिंह फौज में थें। आर्य समाज के प्रमुख कार्यकर्ता एवं प्रचारक पं. लेखराम आर्य जी ने अपना सारा जीवन आर्य समाज के प्रचार ्प्रसार में लगा दिया। वे अहमदिया समुदाय के नेता मुस्लिम दीप्रेचारप मिर्जा गुलाम अहमद से शास्त्रार्थ एवं उसके के खण्डन के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। पं. लेखराम आर्य अपने प्राणों की परवाह न करते हुए हिंदुओं को धर्म परिवर्तन से रोका व शुद्धि अभियान के प्रणेता बने। स्वामी दयानन्द का जीवनचरित् लिखने के उद्देश्य से उनके जीवन सम्बन्धी घटनाएँ इकट्ठी करने के सिलसिले में उन्हें भारत के अनेकानेक स्थानों का मुसाफिर पड़ गया। पं. दौरा करना पडा। इस कारण उनका नाम ' आर्य लेखराम आर्यजी हिंदुओं को मुसलमान होने से बचाते थे। एक कट्टर मुसलमान ने ०६. ०३. १८९७ को ईद के दिन, ' शुद्धि' कराने के बहाने, धोखे से लाहौर में उनकी हत्या कर दी। साभार মীনা মথো मातृभूमि - ShareChat