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news - इन्दौरिया समाचार जगत Editorial समावेशन , विकास और संतुलन की नई राह राजस्थान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष २०२६-२७ का बजट फ़रवरी २०२६ को राज्य विधानसभा में उपमुख्यमंत्री व वित्त 11 द्वारा प्रस्तुत करने जा रही है। यह मंत्री   दीया कुमारी बजट भजनलाल शर्मा सरकार का तीसरा वार्षिक बजट होगा, जिसमें समावेशी विकास, रोजगार, किसान उन्नति, आधारभूत अवसंरचना और सामाजिक सुरक्षा को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। इस बजट का स्वरूप स्पष्ट रूप से समाज के सभी वर्गों को के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं और लाभ देने वाला है युवाओं स्वयं सहायता समूहों को समर्थन देने वाली योजनाओं का प्रस्ताव में वृद्धि का इशारा पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कवरेज जारी है बुजुर्गों तथा वंचित नागरिकों को बेहतर किया जा रहा है जिससे सहायता मिलेगी किसानों  को कृषि-संबंधी सहायता, सिंचाई, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्र में पैकेज दिए जाने की अपेक्षा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बजट सड़क, परिवहन, बिजली, पानी और राजस्थान का औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों पर स्पष्ट रूप से फोकस करेगा  मिलेगा| जिससे राज्य में समग्र आर्थिक गतिविधि को बल वहीं उद्योग जगत ने बजट से व्यापार लागत घटाने और निवेश- अनुकूल नीतियों की अपेक्षा जताई है, q =1 MSME; लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस को भी प्राथमिकता देने की मांग उठी है। राजस्थान सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व घाटे को लगभग   ?८,००० करोड़ तक कम करने में सफलता हासिल की है जो वित्तीय अनुशासन की ओर बढ़ता संकेत है। बजट तैयारी के समय सार्वजनिक ऋा और निवेश हालांकि, की चुनौतियाँ बनी हुई हैं, और कर्ज का स्तर अभी भी उच्च है - ध्यान में रखते हुए राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता इसी को की दिशा में कदम उठाने होंगे । बैठकों और बजट- पूर्व संवाद में मुख्यमंत्री ने ग्राम- स्तर पर विकास और पंचायती राज को बजट की मुख्य दिशा बताया है सड़कों  पानी और ग्रामीण रोजगार जैसे मुद्दों को बजट में स्थान देने की उम्मीद है विकासोन्मुख राजस्थान बजट २०२६ २७ समावेशी और नीतियों का मिक्स पेश करता प्रतीत होता है। यह न केवल सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में प्रयास करेगा, बल्कि अवसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता देगा वित्तीय अनुशासन तथा निवेश- अनुकूल माहौल बनाए रखना राजकीय आर्थिक स्थिरता की दिशा में आवश्यक है बजट मांगों और अपेक्षाओं के बीच संतुलन स्थापित करने का अवसर है अब यह इस पर निर्भर करेगा कि प्रस्तावित नीतियाँ धरातल पर किस हद तक लागू हो पाती हैं। इन्दौरिया समाचार जगत Editorial समावेशन , विकास और संतुलन की नई राह राजस्थान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष २०२६-२७ का बजट फ़रवरी २०२६ को राज्य विधानसभा में उपमुख्यमंत्री व वित्त 11 द्वारा प्रस्तुत करने जा रही है। यह मंत्री   दीया कुमारी बजट भजनलाल शर्मा सरकार का तीसरा वार्षिक बजट होगा, जिसमें समावेशी विकास, रोजगार, किसान उन्नति, आधारभूत अवसंरचना और सामाजिक सुरक्षा को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। इस बजट का स्वरूप स्पष्ट रूप से समाज के सभी वर्गों को के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं और लाभ देने वाला है युवाओं स्वयं सहायता समूहों को समर्थन देने वाली योजनाओं का प्रस्ताव में वृद्धि का इशारा पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कवरेज जारी है बुजुर्गों तथा वंचित नागरिकों को बेहतर किया जा रहा है जिससे सहायता मिलेगी किसानों  को कृषि-संबंधी सहायता, सिंचाई, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्र में पैकेज दिए जाने की अपेक्षा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बजट सड़क, परिवहन, बिजली, पानी और राजस्थान का औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों पर स्पष्ट रूप से फोकस करेगा  मिलेगा| जिससे राज्य में समग्र आर्थिक गतिविधि को बल वहीं उद्योग जगत ने बजट से व्यापार लागत घटाने और निवेश- अनुकूल नीतियों की अपेक्षा जताई है, q =1 MSME; लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस को भी प्राथमिकता देने की मांग उठी है। राजस्थान सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व घाटे को लगभग   ?८,००० करोड़ तक कम करने में सफलता हासिल की है जो वित्तीय अनुशासन की ओर बढ़ता संकेत है। बजट तैयारी के समय सार्वजनिक ऋा और निवेश हालांकि, की चुनौतियाँ बनी हुई हैं, और कर्ज का स्तर अभी भी उच्च है - ध्यान में रखते हुए राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता इसी को की दिशा में कदम उठाने होंगे । बैठकों और बजट- पूर्व संवाद में मुख्यमंत्री ने ग्राम- स्तर पर विकास और पंचायती राज को बजट की मुख्य दिशा बताया है सड़कों  पानी और ग्रामीण रोजगार जैसे मुद्दों को बजट में स्थान देने की उम्मीद है विकासोन्मुख राजस्थान बजट २०२६ २७ समावेशी और नीतियों का मिक्स पेश करता प्रतीत होता है। यह न केवल सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में प्रयास करेगा, बल्कि अवसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता देगा वित्तीय अनुशासन तथा निवेश- अनुकूल माहौल बनाए रखना राजकीय आर्थिक स्थिरता की दिशा में आवश्यक है बजट मांगों और अपेक्षाओं के बीच संतुलन स्थापित करने का अवसर है अब यह इस पर निर्भर करेगा कि प्रस्तावित नीतियाँ धरातल पर किस हद तक लागू हो पाती हैं। - ShareChat