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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 2.03 हास्य व्यंग माहिर अनेक तरह के लोग होते हैं कोई काटने में /जोड़ने / जलने/ चढ़ाने / उतारने /नफरत/मोहब्बत/बताने / देखने। +_-_*: में कुछ भी करो जाना सभी को है! Status (Contacts) + # Aa 2.03 हास्य व्यंग माहिर अनेक तरह के लोग होते हैं कोई काटने में /जोड़ने / जलने/ चढ़ाने / उतारने /नफरत/मोहब्बत/बताने / देखने। +_-_*: में कुछ भी करो जाना सभी को है! Status (Contacts) + # - ShareChat