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*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 05 मार्च 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - चैत्र* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - द्वितीया शाम 05:03 तक तत्पश्चात् तृतीया* *⛅नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी सुबह 08:17 तक तत्पश्चात् हस्त* *⛅योग - शूल प्रातः 07:46 तक तत्पश्चात् गण्ड* *⛅राहुकाल - दोपहर 02:07 से दोपहर 03:35 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:45* *⛅सूर्यास्त - 06:32 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:07 से प्रातः 05:56 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:15 से दोपहर 01:02 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:14 से मध्यरात्रि 01:06 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - तुकारामजी द्वितीया* *🌥️विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 *🔹तीर्थ में पालने योग्य १२ नियम🔹* *अश्वमेधसहस्राणि वाजपेयशतानि च।* *लक्षं प्रदक्षिणा भूमेः कुम्भस्नानेन तत्फलम् ।।* #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स *🔸'हजारों अश्वमेध यज्ञ, सैकड़ों वाजपेय यज्ञ और लाखों बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा करने से जो फल होता है, वही फल एक बार कुम्भ-स्नान करने से प्राप्त हो जाता है।'* *🔸तीर्थ में ये बारह नियम अगर कोई पालता है तो उसे तीर्थ का पूरा फायदा होता है:* *🔸 (१) हाथों का संयम : गंगा में गोता भी मारा और अनधिकार किसीकी वस्तु ले ली या ऐसी-वैसी कोई चीज उठाकर मुँह में डाल ली तो पुण्यप्राप्ति का आनंद नहीं होगा ।* *🔸 (२) पैरों का संयम: कहीं भी चले गये मौज-मजा मारने के लिए... नहीं, अनुचित जगह पर न जायें ।* *🔸 (३) मन को दूषित विचारों व चिंतन से बचाकर भगवच्चिंतन करना ।* *🔸 (४) सत्संग व वेदांत शास्त्र का आश्रय लेना : ऐसा नहीं कि शरीर में बुखार है और दे मारा गोता । पुण्यलाभ करें और फिर हो गया बुखार या न्यूमोनिया और आदमी मर गया, ऐसा नहीं करना चाहिए । देश,काल और शरीर की अवस्था देखनी चाहिए ।* *🔸 (५) तपस्या।* *🔸 (६) भगवान की कीर्ति, भगवान के गुणों का गान कुम्भ-स्थान पर करना चाहिए ।* *🔸 (७) परिग्रह का त्याग : कोई कुछ चीज दे तो तीर्थ में दान नहीं लेना चाहिए । तीर्थ में दूसरों की सुविधाओं का उपयोग करके अपने ऊपर बोझा न चढ़ायें । दान का खाना, अशुद्ध खाना, प्रसाद में धोखेबाजी करके बार-बार लेना... अशुद्ध व्यवहार पुण्य क्षीण और हृदय को मलिन करता है । एक तरफ पुण्य कमा रहे हैं, दूसरी तरफ बोझा चढ़ा रहे हैं । यह न करें ।* *🔸 (८) जैसी भी परिस्थिति हो, आत्मसंतोष होना चाहिए । हाय रे ! धक्का धक्की है, बस नहीं मिली... ऐसा करके चित्त नहीं बिगाड़ना । 'हरे-हरे ! वाह ! यार की मौज ! तेरी मर्जी पूरण हो !' - इस प्रकार अपने चित्त को संतुष्ट रखें ।* *🔸 (९) किसी प्रकार के अहंकार को न पोसें: 'मैं तो तीन बजे उठा था, मैं तो इतने मील पैदल गया और मैंने तो १० डुबकियाँ लगायीं.... - ऐसा अहंकार पुण्य को क्षीण कर देता है । भगवान की कृपा है जो पुण्यकर्म हुआ, उसको छुपाकर रखो ।* *🔸 (१०) 'यह करूँगा, यह भोगूँगा, इधर जाऊँगा, उधर जाऊँगा.... इसका चिंतन न करें । 'मैं कौन हूँ ? जन्म के पहले मैं कौन था, अभी कौन हूँ और बाद में कौन रहूँगा ? तो मैं तो वही चैतन्य आत्मा हूँ । मैं जन्म के पहले था, अभी हूँ और बाद में भी रहूँगा ।' - इस प्रकार अपने स्वभाव में आने का प्रयत्न करें ।* *🔸(११) दम्भ, दिखावा न करें ।* *🔸(१२) इन्द्रिय-लोलुपता नहीं । कुछ भी खा लिया कि मजा आता है, कहीं भी चले गये... तो मौज-मजा मारने के लिए कुम्भ-स्नान नहीं है । सच्चाई, सत्कर्म और प्रभु-स्नेह से तपस्या करके अंतरात्मा का माधुर्य जगाने के लिए और हृदय को प्रसन्नता दिलाने के लिए तथा सत्संग के रहस्य का प्रसाद पाने के लिए कुम्भ-स्नान है ।"*
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - आज का पंचांग मास - चैत्र, पक्ष कृष्ण radheradheje com WWW द्िनु॰  वसंत पुरुवार নিনক; 05-03-2026  तिथि- द्वितीया (१७४०३ से तृतीया ) फाल्गुनी 781315 Ur पूर्वभाद्रपदा 5 नक्षत्र फाल्गुनी H8a3 03 बोग॰ क्लूष्ल कुम्भ (17:0334 करण- णर घूर्च राशि & জয राशि- करुम्भ चोघडिया , दिन ೩೫ ಟ೯rf १५:३५ अशुभ शुभ 06:46 08814 থুঙ্ড राहुकाल १४:०७ ಊಟೊ06246 ৪ণ 08814 088143[?[?7 0९:४३ अशुभ गुली काल 09:४३ < 6&109:43 11811 379ಋ 11811 अभिजित १२:१५ १३०२ शुभ १२:३९ शुभ ಊ11811 दूर मुहूर्त १०:४१ ११२८ अशुभ लाभ12:39 14807 %2| दूर मुहूर्त १५:२३ १६:१० अशुभ १५:३५ शुभ अमृत १४४०७ वर्ज्यम १७:०२ १८:४३ अशुभ काल १५४३५ १७:०३ अशुभ प्रदोष १८:३१ २०:५8 शुभ शुभ १७:०३ 18:31 && आपका दिन शुभ और ्मंगलमय हरो Radheladlefe आज का पंचांग मास - चैत्र, पक्ष कृष्ण radheradheje com WWW द्िनु॰  वसंत पुरुवार নিনক; 05-03-2026  तिथि- द्वितीया (१७४०३ से तृतीया ) फाल्गुनी 781315 Ur पूर्वभाद्रपदा 5 नक्षत्र फाल्गुनी H8a3 03 बोग॰ क्लूष्ल कुम्भ (17:0334 करण- णर घूर्च राशि & জয राशि- करुम्भ चोघडिया , दिन ೩೫ ಟ೯rf १५:३५ अशुभ शुभ 06:46 08814 থুঙ্ড राहुकाल १४:०७ ಊಟೊ06246 ৪ণ 08814 088143[?[?7 0९:४३ अशुभ गुली काल 09:४३ < 6&109:43 11811 379ಋ 11811 अभिजित १२:१५ १३०२ शुभ १२:३९ शुभ ಊ11811 दूर मुहूर्त १०:४१ ११२८ अशुभ लाभ12:39 14807 %2| दूर मुहूर्त १५:२३ १६:१० अशुभ १५:३५ शुभ अमृत १४४०७ वर्ज्यम १७:०२ १८:४३ अशुभ काल १५४३५ १७:०३ अशुभ प्रदोष १८:३१ २०:५8 शुभ शुभ १७:०३ 18:31 && आपका दिन शुभ और ्मंगलमय हरो Radheladlefe - ShareChat