ShareChat
click to see wallet page
search
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - शनि और शुक्र का संयोजन ! शुक्र और शनि का एक साथ पहले घर में होना एक दिलचस्प स्थिति है। पहले घर में ये दोनों ग्रह व्यक्ति के व्यक्तित्व और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित करते हैं शुक्र प्रेम , सौंदर्य और रिश्तों का कारक है, जबकि शनि संयम, जिम्मेदारी और परिपक्वता का कारक है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ पहले घर में होते हैं , तो व्यक्ति को प्रेम और रिश्तों के प्रति एक अनोखा दृष्टिकोण होता है। इस संयोजन के कारण, व्यक्ति को ३६ वर्ष की आयु के उपरांत ही प्रेम की तरफ झुकाव उत्पन्न होता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति अपने जीवन के पहले चरण में अपने करियर, शिक्षा और अन्य जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान देता है, और बाद में प्रेम और रिश्तों की ओर आकर्षित होता 8 इस संयोजन के कुछ अन्य प्रभाव हो सकते हैंः व्यक्ति प्रेम के मामले में परिपक्व और जिम्मेदार होता है रिश्तों में संयम और समझदारी से काम लेता है प्रेम के लिए समय और परिस्थितियों का इंतजार करता है ध्यान रखें कि कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति भी व्यक्ति 4 के जीवन पर प्रभाव डालती है। शनि और शुक्र का संयोजन ! शुक्र और शनि का एक साथ पहले घर में होना एक दिलचस्प स्थिति है। पहले घर में ये दोनों ग्रह व्यक्ति के व्यक्तित्व और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को प्रभावित करते हैं शुक्र प्रेम , सौंदर्य और रिश्तों का कारक है, जबकि शनि संयम, जिम्मेदारी और परिपक्वता का कारक है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ पहले घर में होते हैं , तो व्यक्ति को प्रेम और रिश्तों के प्रति एक अनोखा दृष्टिकोण होता है। इस संयोजन के कारण, व्यक्ति को ३६ वर्ष की आयु के उपरांत ही प्रेम की तरफ झुकाव उत्पन्न होता है। इसका मतलब है कि व्यक्ति अपने जीवन के पहले चरण में अपने करियर, शिक्षा और अन्य जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान देता है, और बाद में प्रेम और रिश्तों की ओर आकर्षित होता 8 इस संयोजन के कुछ अन्य प्रभाव हो सकते हैंः व्यक्ति प्रेम के मामले में परिपक्व और जिम्मेदार होता है रिश्तों में संयम और समझदारी से काम लेता है प्रेम के लिए समय और परिस्थितियों का इंतजार करता है ध्यान रखें कि कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति भी व्यक्ति 4 के जीवन पर प्रभाव डालती है। - ShareChat