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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - अस्सताल बनाए जाएग भास्कर नॉलेज आर्टेमिस २ः लॉन्च में शामिल जेट क्रैश, क्या रुकेगा मिशन? नई दिल्ली अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के हईन एल्टीट्यूड  =5## रिसर्च विमान डब्ल्यूबी ५७ लैडिंग गियर फेल होने पर एलिंगटन एयरपोर्ट पर बैल लैडिंग की। रनवे पर फिसलते समय विमान सै आग निकला। दोनों क्रू सुरक्षित हैँ लेकिन रिसरच  और धुआ विमान   क्षतिग्रस्त লানল ;-সাইসিল-2 हा गया मिशन समेत अन्य पर क्या असर पड़ेगा ? डब्ल्यूबी ५७ जेट का उपयोग क्या है? वायुमंडलीय और f रॉकेट लॉन्च री॰एंट्री पृथ्वी की निगरानी , कॉस्मिक डस्ट कलेक्शन और सूय ग्रहण * जैसे खगोलीय अध्ययनों के लिए नासा इसका उपयोग  डब्ल्यूबी ५७ जेट  करता रहा है। फिलहाल दो अन्य पहले ही निरीक्षण या मरम्मत के कारण ग्राउंडेड है। आर्टेमिस 2 मिशन पर क्या असर होगा ? यह आर्टेमिस 2 मिशन के दौरान रॉकेट के एग्जॉस्ट  और उड़ान गतिविधियों की निगरानी करने बाला था। सब कुछ ठीक रहा तो आर्टेमिस 2 की लॉन्चिंग 6 फरवरी को हो सकती है। आर्टेमिस मिशन में १९७२ के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास भेजा  जाना है। इसके न होेने से नासा को कम डेटा कम हाई एल्टीट्यूड विजुअल और सीमित रियल ्टाइम  एनालिसिस पर निर्भर रहना पड़ेगा। कितना होगा नुकसान ? इनके न होने से फिलहाल वायुमंडल का अध्ययन अर्थ ऑब्जर्वेशन, भविष्य के रॉकेट टेस्ट सपोर्ट अस्थायी रूप से प्रभावित होंगे। यह हादसा हाइ एल्टीट्यूड रिसर्च प्रोग्राम के लिए बड़ा झटका है क्योँकि इनका विकल्प उपलब्ध नहीं है। लॉन्च सेफ्टी और निगरानी पर क्या असर ? डब्ल्यूबी ५७ विमान के बाहर होने से नासा को जमीन आधारित सेंसर या सैटेलाइट डेटा पर निर्भर रहना  होगा, जो हर कोण व हर सेकंड कवर नहीं कर पाते। अस्सताल बनाए जाएग भास्कर नॉलेज आर्टेमिस २ः लॉन्च में शामिल जेट क्रैश, क्या रुकेगा मिशन? नई दिल्ली अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के हईन एल्टीट्यूड  =5## रिसर्च विमान डब्ल्यूबी ५७ लैडिंग गियर फेल होने पर एलिंगटन एयरपोर्ट पर बैल लैडिंग की। रनवे पर फिसलते समय विमान सै आग निकला। दोनों क्रू सुरक्षित हैँ लेकिन रिसरच  और धुआ विमान   क्षतिग्रस्त লানল ;-সাইসিল-2 हा गया मिशन समेत अन्य पर क्या असर पड़ेगा ? डब्ल्यूबी ५७ जेट का उपयोग क्या है? वायुमंडलीय और f रॉकेट लॉन्च री॰एंट्री पृथ्वी की निगरानी , कॉस्मिक डस्ट कलेक्शन और सूय ग्रहण * जैसे खगोलीय अध्ययनों के लिए नासा इसका उपयोग  डब्ल्यूबी ५७ जेट  करता रहा है। फिलहाल दो अन्य पहले ही निरीक्षण या मरम्मत के कारण ग्राउंडेड है। आर्टेमिस 2 मिशन पर क्या असर होगा ? यह आर्टेमिस 2 मिशन के दौरान रॉकेट के एग्जॉस्ट  और उड़ान गतिविधियों की निगरानी करने बाला था। सब कुछ ठीक रहा तो आर्टेमिस 2 की लॉन्चिंग 6 फरवरी को हो सकती है। आर्टेमिस मिशन में १९७२ के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास भेजा  जाना है। इसके न होेने से नासा को कम डेटा कम हाई एल्टीट्यूड विजुअल और सीमित रियल ्टाइम  एनालिसिस पर निर्भर रहना पड़ेगा। कितना होगा नुकसान ? इनके न होने से फिलहाल वायुमंडल का अध्ययन अर्थ ऑब्जर्वेशन, भविष्य के रॉकेट टेस्ट सपोर्ट अस्थायी रूप से प्रभावित होंगे। यह हादसा हाइ एल्टीट्यूड रिसर्च प्रोग्राम के लिए बड़ा झटका है क्योँकि इनका विकल्प उपलब्ध नहीं है। लॉन्च सेफ्टी और निगरानी पर क्या असर ? डब्ल्यूबी ५७ विमान के बाहर होने से नासा को जमीन आधारित सेंसर या सैटेलाइट डेटा पर निर्भर रहना  होगा, जो हर कोण व हर सेकंड कवर नहीं कर पाते। - ShareChat