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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - {g' और मंगलसूत्र तो पहन लिए, परै खुशी कहीं मिली ही नहीं  সাথ্নিযকিক্ষী ল' लगा कर गले में मंगलसूत्र डाल कर बता दिया कि "शादीशुदा हूँ" दुनिया ` पर किसी ने नहीं पूछा किजी रही हूँ या बस सांस ले रही हू॰ हर सुबह उठती हूँ, तैयार होती हूँ g मुस्कुराती  सबके ஈர் चाय बनाती हूँ॰ खाँना बनाती सबकी पसंद को सब कुछ हूँ पर कोई नहीं पूछता ' "तू ठीक है ना? तुझे कै्या चाहिए?" रात को जब सब सो जाते हैं तब तकिया गीला कर देती हूँ क्योंकि दिन भर का दर्द रात में ही बाहर निकलता है॰ सिंदूर तो रोज लग जाता है मंगलसूत्र तो रोज चमकता है पर दिल के टुकडे कोई जोड़ने नहीं आता... बस यही सच है हम औरतों का जो मंगलसूत्र पहनकर भी अंदर से खाली हो चुकी हैं। Tag करो उस बहू को जिसकी आँखों में रोज ये दर्द दिखता है. {g' और मंगलसूत्र तो पहन लिए, परै खुशी कहीं मिली ही नहीं  সাথ্নিযকিক্ষী ল' लगा कर गले में मंगलसूत्र डाल कर बता दिया कि "शादीशुदा हूँ" दुनिया ` पर किसी ने नहीं पूछा किजी रही हूँ या बस सांस ले रही हू॰ हर सुबह उठती हूँ, तैयार होती हूँ g मुस्कुराती  सबके ஈர் चाय बनाती हूँ॰ खाँना बनाती सबकी पसंद को सब कुछ हूँ पर कोई नहीं पूछता ' "तू ठीक है ना? तुझे कै्या चाहिए?" रात को जब सब सो जाते हैं तब तकिया गीला कर देती हूँ क्योंकि दिन भर का दर्द रात में ही बाहर निकलता है॰ सिंदूर तो रोज लग जाता है मंगलसूत्र तो रोज चमकता है पर दिल के टुकडे कोई जोड़ने नहीं आता... बस यही सच है हम औरतों का जो मंगलसूत्र पहनकर भी अंदर से खाली हो चुकी हैं। Tag करो उस बहू को जिसकी आँखों में रोज ये दर्द दिखता है. - ShareChat